शासन ने झांसी पुलिस को सौंप दी थी जांच
संत सिंह की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। अगले दिन 24 जून को कथा की यजमान महिला ने जाति छिपाकर धोखाधड़ी करके धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाकर दोनों कथा वाचकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन दोनों मामलों की विवेचना एसएसपी के आग्रह पर शासन ने झांसी पुलिस को सौंप दी थी।
आसपास के लोगों व मकान मालिक से जानकारी ली
रविवार को विवेचना करने के लिए पूंछ थाना प्रभारी निरीक्षक जेपी पाल दांदरपुर गांव पहुंचे थे। उन्होंने कथा के यजमान और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए थे। इसके बाद देर शाम वह कथावाचकों के हाल पते औरैया के अछल्दा पहुंचे थे। मुकट मणी के अछल्दा थाना के पास किराए के मकान में विवेचक पहुंचे, तो उन्हें ताला लटका मिला। विवेचक ने घर के आसपास के लोगों व मकान मालिक से जानकारी ली।
मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ मिले
लोगों ने बताया कि घटना के बाद ही मुकट नहीं आए हैं। इसके बाद विवेचक कथावाचक के सहयोगी के संत सिंह यादव के घर पहुंचे। यहां संत सिंह भी घर पर नहीं मिले। घर पर मिली पत्नी और बच्चों से विवेचक ने घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद संत सिंह के बारे में पूछा तो परिवार के लोग बता नहीं सके। विवेचक ने दोनों के मोबाइल नंबर मिलाए, तो वह स्विच ऑफ जा रहे थे।
बयान दर्ज कराने को कहा
विवेचक ने संत सिंह के परिवार से कहा कि दोनों के संदेश पहुंचा दें कि अपने बयान दर्ज कराएं। जल्द ही वह दोबारा भी आएंगे। विवेचक ने लगभग 10 लोगों के बयान लिए हैं। अब विवेचक दोनों के पैतृक गांव जाएंगे। विवेचक जेपी पाल ने बताया कि दोनों कथावाचक घर नहीं मिले। अब उनके पैतृक गांव में संपर्क करेंगे। संत सिंह के परिवार से उन तक संदेश पहुंचाने के लिए कहा है।