दोनों मजदूर मलबे के नीचे पूरी तरह दब गए। जोरदार आवाज और चीख-पुकार सुनकर तहसील में मौजूद कर्मचारी और अन्य लोग मौके की ओर दौड़े। स्थानीय स्तर पर तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। कुछ ही देर में सदर कोतवाली का पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों मजदूरों को बाहर निकाल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टर शिवम राजपूत ने साहिल को मृत घोषित कर दिया, जबकि शोएब को गंभीर हालत में उपचार शुरू किया गया। यहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने मृतक शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। डॉ. शिवम राजपूत ने बताया कि भवन गिरने से दो घायलों को जिला अस्पताल लाया गया था। इसमें साहिल की यहां आने से पहले मौत हो चुकी थी, जबकि शोएब का इलाज जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही जिला और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
कुछ ही देर में सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर सिंह और सीओ सिटी अवनीश सिंह भारी, तहसीलदार राजकुमार, पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर कोतवाली, सिविल लाइंस और फ्रेंड्स कॉलोनी थाने की पुलिस को भी तुरंत मौके पर बुला लिया गया।
हादसे की जानकारी मिली है। जर्जर भवन को गिराने का काम पीडब्ल्यूडी खंड 1 की ओर से कराया जा रहा था। हादसे किसकी लापरवाही से हुआ है, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखेंगे। - शुभ्रांत कुमार शुक्ल, डीएम