सैफई। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में गोरखपुर एम्स से दो सदस्यीय टीम ने पीएम केयर्स फंड से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट का जायजा लेकर हकीकत देखी। गत 17 दिसंबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया था। अप्रैल व मई के महीनों में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए सीएम केयर्स फंड से दो तथा पीएम केयर्स फंड से एक ऑक्सीजन प्लांट जून माह में बनकर तैयार हो गए थे।
सीएम केयर्स फंड से बनाए गए दोनों ऑक्सीजन प्लांट बराबर काम कर रहे थे, जबकि पीएम केयर्स फंड से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट उद्घाटन के 15 दिन बाद ही खराब हो गया। विश्वविद्यालय द्वारा पीएम केयर्स फंड को अवगत भी कराया गया था। बृहस्पतिवार को गोरखपुर एम्स से डॉक्टर गौरव व डॉक्टर देवेश ने विश्वविद्यालय में स्थित पीएम केयर्स फंड से बनाए गए ऑक्सीजन प्लांट का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने ऑपरेटर से ऑक्सीजन प्लांट के बारे में जानकारी ली। बताया जल्द ही टेक्नीशियन टीम से ऑक्सीजन प्लांट को सही कराया जाएगा और शासन को ऑक्सीजन प्लांट के बारे में अवगत कराएंगे।
जिला अस्पताल में भी निरीक्षण
इटावा। कोरोना की तीसरी लहर में ऑक्सीजन का संकट उत्पन्न न हो इसे लेकर केंद्र सरकार खासकर स्वास्थ्य विभाग ने चौकसी बरतनी शुरू कर दी है। जिला पुरुष अस्पताल में पीएम केयर फंड से 1000 लीटर क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। इसका जायजा लेने के लिए बृहस्पतिवार को गोरखपुर एम्स से आई दो सदस्यीय केंद्रीय टीम ने प्लांट का न सिर्फ बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि प्लांट पर तैनात किए गए चारों प्रशिक्षित ऑपरेटरों से भी पूछताछ की। निरीक्षण करने आए डॉक्टरों में डॉ.गौरव व डॉ. देवेश ने प्रशिक्षित ऑपरेटर चंद्रशेखर से ऑक्सीजन कैसे नापते हैं, जैसे कई और सवाल किए। इस दौरान जिला अस्पताल की ओर से कार्यकारी सीएमएस डॉ. अजय वर्मा, हेल्प डेस्क के प्रबंधक मोहम्मद सगीर आदि लोग उपस्थित रहे। पीएम केयर फंड ऑक्सीजन प्लांट से पुरुष जिला अस्पताल के 90 बेडों तक ऑक्सीजन पहुंचाने की व्यवस्था है।