वेतन की रिकवरी कराए जाने का नोटिस दिया
राजीव यादव के पुत्र ने बताया कि उनके पिता की नगर पालिका में दैनिक भोगी के रूप में तैनाती हुई थी। 2001 में सरकार के नए आदेश के बाद उन्हें स्थायी कर दिया गया। वहीं, नगर पालिका प्रबंधन ने उन पर सांठगांठ कर स्थायी नौकरी पाने का आरोप लगाया। साथ ही, पाए गए वेतन की रिकवरी कराए जाने का नोटिस दिया। इस पर नगर पालिका कर्मी अप्रैल 2025 में हाईकोर्ट चले गए।
गोताखोर व एसडीआरएफ कर रहे हैं तलाश
इसके बाद भी नगर नालिका प्रबंधन की ओर से उसे पर रिकबरी करने का दवाब बनाया जा रहा था। वह अक्तूबर में सेवानिवृत्त होने वाले थे। इससे पहले बार-बार प्रताड़ित किए जाने से परेशान होकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, पुलिस-प्रशासन गोताखोर व एसडीआरएफ की मदद से नगर पालिका कर्मी की खोजबीन करवाई जा रही है, लेकिन चार घंटे बीत जाने के बाद उसका कुछ सुराग नहीं लगा है।