निजी अस्पताल में तोड़ दिया दम
आरोप है कि डिलीवरी के बाद से ही रुचि की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन उसका पति और ससुराल पक्ष ने उसका समुचित इलाज नहीं कराया। आरोप है कि बीमारी की हालत में भी रुचि के साथ मारपीट की जाती थी। तंग आकर रुचि ने फोन पर मां को आपबीती सुनाई, जिसके बाद मां बछेडी गांव पहुंचीं और बेटी को गंभीर हालत में कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
वहीं, मृतका के पति मोहित तिवारी ने मायके पक्ष की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और मनगढ़ंत बताया है। पति का कहना है कि वह पत्नी को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर ले जा रहे थे, लेकिन मायके वाले जिद करके उसे कानपुर ले गए। इलाज का पूरा खर्च भी वही उठा रहे थे। सीओ अवनीश कुमार ने बताया कि मायके पक्ष की शिकायत पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चलेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।