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Fake Loco Pilot: रिश्तेदार लोको पायलट को देखकर सीखीं बारीकियां, चार साल से कर रहा था मुफ्त यात्राएं

Sat, 04 Oct 2025 09:39 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

Etawah News: पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपी आकाश ने बताया कि उसके पास दो मंडलों के नेम प्लेट व आई कार्ड व कागजों के दस्तावेज है। अगर वह यूपी में यात्रा करता है, तो दानापुर मंडल के नेम प्लेट व आई कार्ड का इस्तेमाल करता था।
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सीज सामान के साथ खड़ा आरोपी आकाश - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इटावा जिले में फिरोजाबाद में संविदा पर तैनात सफाई कर्मी का रिश्तेदार रेलवे में लोको पायलट पद पर भर्ती हो गया। पकड़े गए फर्जी लोको पायलट ने रिश्तेदार से यूनीफार्म पहनना, बोलना-चलना आदि तौर-तरीके धीरे-धीरे सीख लिए। इसके बाद वह हूबहू लोको पायलट की वर्दी सिलवाकर ट्रेन में मुफ्त यात्राएं करने लगा। उसके पास प्रयागराज मंडल व दानापुर मंडल के आई कार्ड व नेम प्लेट मिले हैं। उसने यूपी समेत पटना, बिहार आदि क्षेत्रों में ट्रेन में करीब चार साल से फ्री यात्राएं कर रहा था। वहीं, बृहस्पतिवार को टूंडला से औरैया के फफूंद ससुराल जाते समय वह अलग-अलग मंडल के कार्ड व नेम प्लेट होने पर वह धरा गया। अब जीआरपी गहनता से इस मामले में पूछताछ कर रही है।

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रेलवे में होना चाहता था भर्ती, 10 वीं में हो गया फेल
आकाश निवासी जलेसर रोड कौशल्या नगर थाना फिरोजाबाद, जिला फिरोजाबाद का रेलवे में भर्ती होने का सपना था। वहीं, 10 वीं में फेल होने पर उसे बहुत ही गहरी चोट पहुंची। वहीं, उसका एक रिश्तेदार रेलवे में लोको पायलट पद पर भर्ती हो गया। इधर, 10 वीं में फेल होने पर उसका पढ़ाई में मन नहीं लगा। वह रिश्तेदार के लोको पायलट से उसकी वर्दी, बोल-चाल, रहन-सहन आदि सीख गया। इसके बाद आकाश ने लोको पायलट जैसी वर्दी, नेम प्लेट, आईकार्ड, लॉग बुक, लाल-हरी झंडी आदि लेकर ट्रेन में मुफ्त यात्रा करने लगा। इसमें उसे मजा आने लगा। पकड़े न जाने पर उसका हौसला बढ़ता गया तो यूपी को छोड़कर वह पटना, बिहार व दिल्ली तक यात्रा करने लगा।

संविदा पर सफाई कर्मी का करता था काम
आरपीएफ व जीआरपी की पूछताछ में पकड़े फर्जी लोको पायलट आकाश ने बताया कि वह जीवन-यापन करने के लिए निजी सफाई कर्मी पद पर कार्य करता है। कहीं घूमने या काम होने पर वह लोको पायलट की यूनीफार्म पहनकर इंजन में बैठकर यात्रा करता था।

यात्रा के हिसाब से पहना था नेम प्लेट व आई कार्ड
पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपी आकाश ने बताया कि उसके पास दो मंडलों के नेम प्लेट व आई कार्ड व कागजों के दस्तावेज है। अगर वह यूपी में यात्रा करता है, तो दानापुर मंडल के नेम प्लेट व आई कार्ड का इस्तेमाल करता था। दूसरे मंडल का स्टाफ होने की वजह से यूपी में यात्रा के दौरान कोई लोको पायलट उस पर शक नहीं करता था। वहीं, पटना, बिहार आदि यात्रा के दौरान वह प्रयागराज मंडल के दस्तावेजों का प्रयोग करता था।

पुलिस नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने की कर रही जांच
पुलिस पकड़े गए फर्जी लोको पायलट आकाश के बारे में बिंदुवार जांच कर रही है। इसमें यह पता लगा रही कि पकड़ा गया युवक लोको पायलट बताकर धौंस जमाता था। इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि पकड़ा गया युवक रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से ठगी तो नहीं कर रहा था। इसकी जांच रही कि किसी ने इसके खिलाफ कोई शिकायत तो नहीं की थी।

जून 2023 से मोबाइल में मिले फोटो
पकड़े गए फर्जी लोको पायलट के मोबाइल में जून 2023 की फोटो मिली हैं। इसमें वह ट्रेन के इंजन में बैठा हुआ है। फोटो देखकर यह प्रतीत होता है वह ट्रेन का संचालन कर रहा है। पूछताछ में पकड़े गए आरोपी ने बताया कि वह साल 2021 से ट्रेनों में मुफ्त यात्रा कर रहा है।
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नेम प्लेट व आई कार्ड में अलग-अलग मंडल देख लोको पायलट को हुआ शक
नेताजी एक्सप्रेस ट्रेन से गुरुवार सुबह आरपीएफ और जीआरपी से एक फर्जी लोको पायलट को गिरफ्तार किया है। आरोपी टूंडला जंक्शन से फफूंद स्थित ससुराल जाने के लिए पायलट के केबिन में सवार हुआ था। उसकी यूनीफार्म पर लगी नेमप्लेट व आईकार्ड में अलग-अलग मंडल देखकर व कर्मचारी कोड सही से न बता पाने पर ट्रेन के लोको पायलट ने कंट्रोल रूम को सूचना दी थी। आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।
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