वारदात में बहनोई अरविंद की मौत हो गई थी
चाचा और उनके बेटों ने बहनोई और उनकी मां व भाई को गोली मार दी थी। बहनोई की चाची ने इसका सहयोग किया था। आरोपी मौके से फरार हो गए थे। वारदात में बहनोई अरविंद की मौत हो गई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। सभी को गिरफ्तार करके चार आरोपियों को जेल भेज दिया था, जबकि अनुराग फरार है। छानबीन के बाद पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश किए थे।
कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई
इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित की ओर से अरविंद दुबे का पक्ष रखा गया। साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने उमाकांत, अंशुल, अक्षय व जूली को दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उधर, फरार अनुराग दुबे के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर उसका वारंट जारी करके उसकी पत्रावली को अलग कर दिया है।