दुखी मन से न्याय के लिए एक अपील
राजीव यादव की तैनाती गलत होने और उनकी ओर से ही दबाव बनाने की बात कही थी। पूर्व चेयरमैन का वीडियो वायरल होने के बाद रात को नगर पालिका के लिपिक राजीव यादव के बेटे सिद्धार्थ अर्जुन ने सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल किया था। इसमें लिखा था कि...दुखी मन से न्याय के लिए एक अपील- कल दशहरा और गांधी जयंती दोनों हैं। दोनों ही दिन असत्य पर सत्य की विजय एवं सत्य और न्याय के पूरक हैं।
अपराधी के हौंसले बहुत बुलंद हैं
इसलिए कल मैं सिद्धार्थ अर्जुन यादव ''जीतू'' अपने पिता को न्याय दिलवाने के लिए कल सुबह 10 बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पर आमरण अनशन पर बैठने जा रहा हूं। क्योंकि अपराधी के हौंसले बहुत बुलंद है, वो खुले आम चैलेंज दे रहा है। शासन प्रशासन को पर कोई कार्रवाई करने वाला नहीं है। सिद्धार्थ ने सरकारी अभिलेख वायरल करने पर भी आपत्ति जताई थी।
आरोपियों पर शिकंजा कस रही है पुलिस
संदेश को मुख्यमंत्री, आईजी रेंज कानपुर, डीएम को टैग किया था। वायरल संदेश की जानकारी होते हुए पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। डीएम-एसएसपी के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट राज बहादुर व सीओ सिटी अभय नारायण राय गुरुवार सुबह राजीव यादव के आवास पर पहुंचे। यहां बेटे सिद्धार्थ को समझाते हुए कहा कि लगातार पुलिस आरोपियों पर शिकंजा कस रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।
कानूनी कार्रवाई तेज करने का आश्वासन
सिद्धार्थ से दोनों अधिकारियों ने आमरण अनशन पर न बैठने और डीएम-एसएसपी से एक बार मिलने की बात कही। सिद्धार्थ ने गुरुवार सुबह ही डीएम कार्यालय जाकर डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल और एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव से मुलाकात की। दोनों आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इस पर सिद्धार्थ ने आमरण अनशन टाल दिया। सिद्धार्थ ने बताया कि अधिकारियों ने बताया था कि पुलिस-प्रशासन त्योहारों में भी व्यस्त है। दशहरे के बाद दबिशें और अन्य कानूनी कार्रवाई तेज करने का आश्वासन दिया है।