दो अलग-अलग बोट्स की गई तलाश
इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने सुबह 10 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। दो अलग-अलग बोट्स की मदद से रात तक उनकी तलाश की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली थी। एसडीएम सदर विक्रम राघव ने बताया था कि रात भर टीमें लगी रहीं और आखिरकार शनिवार सुबह कर्मचारी का शव बरामद कर लिया गया।
मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में लिखा, परेशान होकर दे रहा जान
नगर पालिका में वरिष्ठ लिपिक राजीव यादव ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में लिखा है कि वरिष्ठता के आधार पर नगर पालिका प्रबंधन से अपना प्रमोशन मांगा था। प्रमोशन नहीं मिलने पर अप्रैल में हाईकोर्ट की शरण ली थी। कोर्ट का आदेश नहीं मानने पर हाईकोर्ट ने नगर पालिका अध्यक्ष को जुलाई के अंत में अवमानना का नोटिस जारी किया था।
मानसिक रूप से किया प्रताड़ित
आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष के पति कुलदीप गुप्ता ने उनकी दस्तावेज सर्विस बुक निकलवाकर उसकी प्रति आशीष कुमार निवासी मड़ैया ख्यालीराम को देकर फर्जी तरीके से स्थायी पद पाने की शिकायत कराई थी। इसके बाद से ईओ संतोष मिश्रा ने एक माह में चार नोटिस जारी करके मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
मेरी मौत के लिए पांच लोग जिम्मेदार
अगस्त माह का वेतन भी नहीं दिया गया। इससे मैं मधुमेह और प्रोस्टेट की बीमारी का इलाज नहीं करा पा रहा था। मेरी दिमागी और शारीरिक हालत ठीक नहीं रह रही है। इसलिए चेयरमैन, उनके पति, ईओ, सेवानिवृत्त पेशकार अतर सिंह सेंगर, सेवानिवृत्त प्रभारी कार्यालय अधीक्षक सुनील वर्मा से परेशान होकर मैं जान दे रहा हूं। मेरी मौत के लिए जिम्मेदार यही पांचों लोग हैं।