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दहशत का मंजर: आग का गोला बनी थी बस, जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे लोग, बोले- जोरदार झटके से उड़ी नींद

Sun, 26 May 2024 06:26 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

Etawah News: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार रात करीब डेढ़ बजे तेज रफ्तार स्लीपर बस टकरा आगे जा रहे ट्रक में टकरा गई। टक्कर तेज होने से बस के केबिन में आग लग गई। लपटों की चपेट में आकर चालक की जलकर मौत हो गई। वहीं, बस में सवार 10 यात्री घायल हो गए।
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etawah road accident - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इटावा जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आगे चल रहा तेज रफ्तार ट्रक के एक दम धीमा होते ही बस अनियंत्रित होकर पीछे से जा घुसी। जब तक कुछ समझ पाते तब तक केबिन में आग लग गई और भगदड़ मच गई। यह बात शनिवार को आयुर्विज्ञान विवि में भर्ती परिचालक ने बताई।

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परिचालक अनिल निवासी नगला चित्र थाना भरथना ने आपबीती बताते हुए कहा कि आग की लपटें उठतीं देखकर एकबारगी दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था। कुछ समझ नहीं आ रहा था...इस बीच जहां सब खुद को बचाने में जुटे थे, वह मृत साथी चालक नासीर को फंसा देखकर रुक गया।

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उसका पैर फंसा हुआ था और आग की लपट उसी अपनी चपेट में ले रही थी...उसे निकालने का लाख प्रयास किया, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिल सकी। बचाते वक्त मेरे पैर में चोट लग गई और मैं भी बेसुध हो गया। यात्रियों की मद्द से मैं बाहर निकल सका और देखते ही देखते नसीर हम लोगों की आंखों के सामने जल गया।

मंजर सोचकर नींद नहीं आ रही
किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था। उस एक घंटे का मंजर सोचकर नींद नहीं आ रही है। आंखें बंद करते ही शु्क्रवार रात के हादसे का ही नजारा सामने आ रहा है। अनिल ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थितियां सही न होने की वजह से वह एक साल से बस पर परिचालक का का काम कर रहा था।

चालक नासीर से बातें करते हुए जा रहा था
शुक्रवार को बस कानपुर आनी थी। मेरी ड्यूटी वहीं से थी। इसके लिए मैं शुक्रवार को कानपुर पहुंच गया था। रात में ही मैं चालक नासीर से बातें करते हुए जा रहा था। जबकि सहायक परिचालक अंशू निवासी पनकी कानपुर सीट पर सो रहा था। इसके कुछ देर बाद ही भयानक हादसा हो गया।

झपकी लगी थी, जोरदार झटके के साथ उड़ी नींद
हादसे में घायल हुए आदित्य (26) पुत्र देवेंद्र प्रताप सिंह निवासी ग्राम गोपालपुर सराय थाना करौदी कला जिला सुल्तानपुर ने बताया कि वह घर के अकेले कमाने वाले व्यक्ति हैं। दिल्ली में रहकर निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। छुट्टी पर कुछ दिन पहले घर आए थे।

लपटें और धुआं देखकर होश उड़ गए
शुक्रवार को दिल्ली जाने के लिए स्लीपर बस में सवार हुए थे। रात में फोन चलाते-चालते लगभग एक बजे आंख लगी ही थी कि थोड़ी देर बाद ही जोर के झटके साथ आंख खुली। जैसे तैसे खुद को संभाला, तो धुआं देखकर होश उड़ गए। खुद को बचाने के प्रयास में बस से कूदते समय पैर में चोट आई है। परिजनों को सूचना दे दी है।

जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार रात लगभग डेढ़ बजे ट्रक में पीछे से टकराई स्लीपर बस में आग लगने के बाद चीख-पुकार मच गई। सुकून से सुबह घर पहुंचने की सोचकर गहरी नींद में सो रहे लोग हादसा होते ही जान बचाने के लिए भागने लगे। इस बीच लगभग डेढ़ घंटे तक एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी मच गई।

अचानक धमाके जैसी आवाज आई
रात लगभग डेढ़ बजे गोरखपुर से चली बस में 45 सवारियां दिल्ली के लिए जा रही थीं। रात होने की वजह से अधिकांश लोग सुबह मंजिल तक पहुंचने की उम्मीद के साथ सुकून की नींद ले रहे थे। कुछ लोग मोबाइल चला रहे थे। इसी बीच अचानक धमाके जैसी आवाज के साथ झटका लगा और सीटों पर लेटे कई लोग गिर गए।

शीशा न टूटने पर दरवाजे की तरफ भागे
मोहम्मद असद (30) पुत्र शकूर निवासी अलीगंज लखनऊ ने बताया कि धुआं देखते ही चीख-पुकार मच गई थी। लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने लगे। जो अकेले थे वह अपनी जान और परिवार के साथ थे, वह अपनों की जान बचाने के लिए कवायद करने लगे। कुछ शीशा तोड़ सके, तो कुछ शीशा न टूटने पर दरवाजे की तरफ भागे।

लग रहा था मानो कोई ब्लास्ट न हो जाए
नीचे उतरकर भी लोग बस से दूर होकर भाग रहे थे, लग रहा था मानो कोई ब्लास्ट न हो जाए। एक्सप्रेस पर लगभग डेढ़ घंटे तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। सूचना पर पहुंची यूपीडा की टीम ने लोगों को अस्पताल पहुंचाया। वहीं जो ठीकठाक थे उन्हें दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य के रवाना किया। इस बीच एक्सप्रेस वे पर दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन भी रुक गए थे। लगभग एक घंटे बाद यूपीडा ने सभी वाहनों को सुरक्षित निकालना शुरू किया था।

हादसे में यह लोग हुए घायल
हादसे में बस का सह चालक अंशुल (27) वेद पुत्र अरुण निवासी रानीपुर थाना पनकी जिला कानपुर, परिचालक अनिल (26) पुत्र रमेश चंद्र निवासी नगला चित्र थाना भरथना इटावा, आदित्य (26) पुत्र देवेंद्र प्रताप सिंह निवासी ग्राम गोपालपुर सराय थाना करौदी कला जिला सुल्तानपुर, विपुल (27) पुत्र अवधेश निवासी ग्राम धंस का थाना कौड़ीराम जिला गोरखपुर, मोहम्मद असद (30) पुत्र शकूर निवासी अलीगंज लखनऊ, समसुल शेख (18) पुत्र असादुल शेख निवासी मालदा वेस्ट बंगाल, महफूज आलम (26) पुत्र कयूम शेख निवासी मालदा पश्चिम बंगाल, विपिन (28) पुत्र अशोक निवासी गौरीगंज, जिला अमेठी, कुशल (27) पुत्र विजय शंकर निवासी प्रयागराज, बैजुल हक (22) पुत्र मोहम्मद इलियास निवासी राजाजीपुरम जिला लखनऊ घायल हो गए।

स्लीपर बस 45 सवारियां लेकर गोरखपुर से दिल्ली जा रही थी
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार रात करीब डेढ़ बजे तेज रफ्तार स्लीपर बस टकरा आगे जा रहे ट्रक में टकरा गई। टक्कर तेज होने से बस के केबिन में आग लग गई। लपटों की चपेट में आकर चालक की जलकर मौत हो गई। वहीं, बस में सवार 10 यात्री घायल हो गए। परिचालक ने बताया कि आगे जा रहे ट्रक की रफ्तार अचानक धीमी होने से बस की भिड़ंत हो गई।
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चालक की जलकर मौत, 10 यात्री घायल
शुक्रवार देर रात गोरखपुर से दिल्ली के लिए 45 सवारियां लेकर जा रही स्लीपर बस आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर चौबिया थाना क्षेत्र के चैनल नंबर-118 लोहरीपुरा गांव के पास आगे जा रहे वाहन से टकरा गई। इस दौरान बस के केबिन में आग लग गई। हादसे में गोरखपुर के टोला डोलदल मंगलपुर निवासी बस चालक नासीर खां (40) पुत्र गुलजार खां आग की चपेट में आकर जल गया।
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