यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला
हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री सीटों और सामान के बीच फंस गए तथा चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी पुलिस बल और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चलाकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला।
चिकित्सकों की टीम ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया
इसके बाद घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जसवंतनगर भेजा गया, जहां केंद्र अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर रूप से घायल रविंद्र, अमन, रामवती और लवकुश की हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (सैफई पीजीआई) रेफर कर दिया गया।
ये लोग घायलों में शामिल
घायलों में भारत सिंह (45), राममहेश (35), रविंद्र (40), गौरव (30), अनिल (25), सरिता (23), रोहित (19), शिवकुमार (42), अमन (10), रामकिशोर (39), रोशनी (37), मुन्नीलाल (44), क्रेशर (35), रेनू (16), रीता (18), अमरपाल (21), दिव्यांशी (23), रामप्रकाश (48), रामवती (38) और लवकुश (32) सहित अन्य यात्री शामिल हैं। दुर्घटना के कारण आगरा-कानपुर हाईवे पर कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा।
दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू
पुलिस ने हाइड्रा मशीन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य कराया गया। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चालक को नींद की झपकी आना सामने आया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है तथा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों ने समय पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग करने वाली पुलिस और स्थानीय लोगों की सराहना की।