डंपर में ऑटो टकराने से हादसा दुखद हादसा हुआ है। इसमें चार लोगों की जान गई है। चार लोगों का इलाज चल रहा है। प्रथम दृष्टया हादसे की मुख्य वजह क्षमता से अधिक सवारी बैठने की बात सामने आई है। जांच कराई जा रही है। -बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसएसपी
वक्त पर नहीं पहुंची एम्बुलेंस, तड़पते रहे घायल
इटावा जिले में उदी-बाह मार्ग पर दर्दनाक हादसे में न केवल ऑटो की लापरवाही ने जानें लीं, बल्कि एंबुलेंस सेवा की देरी ने भी घायलों की पीड़ा बढ़ा दी। हादसे के बाद करीब आधे घंटे तक घायल सड़क पर तड़पते रहे, जबकि परिजन और राहगीर बार-बार 108 सेवा पर कॉल करते रहे। रैपुरा गांव के लोग भिंड पैसेंजर से उतरकर ऑटो से जैतपुर जा रहे थे, तभी कूरीकुआं गांव के पास खड़े डंपर में ऑटो जा भिड़ा। मौके पर चीखपुकार मच गई। यूपी 112 और पछायगांव थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन एंबुलेंस के इंतजार में सभी असहाय नजर आए। करीब 15 मिनट की देरी से एक सरकारी और एक निजी एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। तब तक पुलिस ने अपनी गाड़ी और थाना वाहन से घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास शुरू कर दिया था।
आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल
बीच रास्ते में एंबुलेंस मिल जाने के बाद घायलों को शिफ्ट कर जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन पूरी प्रक्रिया में लगभग डेढ़ घंटा लग गया। परिजनों का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंचती, तो कुछ जानें शायद बचाई जा सकती थीं। वहीं एसओ का कहना है कि सूचना मिलते ही कॉल की गई थी, लेकिन दूरी ज्यादा होने के कारण देरी हुई। 108 एंबुलेंस के कोऑर्डिनेटर अमित कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एंबुलेंस समय के भीतर ही पहुंच गई थीं और तीन एंबुलेंसों से घायलों को अस्पताल भेजा गया। हालांकि, घटनास्थल पर घायलों की तड़प और एंबुलेंस की देर से पहुंची राहत ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिंदगी और मौत से जूझ रहीं दो जिंदगियां
आयुर्विज्ञान विवि में भर्ती सरोज और छोटू की हालत देर रात तक गंभीर बनी हुई थी। छोटू वेंटिलेटर पर था। सरोज के परिजन उसे हालत में सुधार न होने पर देर रात ग्वालियर के लिए रेफर करा ले गए थे। आयुर्विज्ञान विवि के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि तीन लोग आयुर्विज्ञान विवि लाए गए थे। इनमें से दो की हालत ज्यादा खराब है। उन्हें बेहतर इलाज दिया जा रहा है। परिजन एक को रेफर कराकर अपनी स्वेच्छा से ग्वालियर ले गए हैं।