फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etawah Accident: ओवरलोड ऑटो बेकाबू हो डंपर में घुसा, चार की मौत…वक्त पर नहीं पहुंची एम्बुलेंस, तड़पते रहे घायल

Fri, 26 Sep 2025 05:50 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

Etawah Road Accident: उदी-बाह मार्ग पर दर्दनाक हादसे में न केवल ऑटो की लापरवाही ने जानें लीं, बल्कि एंबुलेंस सेवा की देरी ने भी घायलों की पीड़ा बढ़ा दी। हादसे के बाद करीब आधे घंटे तक घायल सड़क पर तड़पते रहे, जबकि परिजन और राहगीर बार-बार 108 सेवा पर कॉल करते रहे।
विज्ञापन
Etawah Road Accident - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इटावा जिले में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर आगरा के जैतपुर गांव जा रहा तेज रफ्तार ऑटो पछायगांव थाना क्षेत्र के कोरी का कुआं गांव के पास खड़े डंपर में जा घुसा। हादसे में बुआ-भतीजी समेत चार लोगों की मौत हो गई। जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। वहीं तीन लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आयुर्विज्ञान विवि में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है। ऑटो चालक फरार हो गया है। पछायगांव थाना क्षेत्र में आगरा बॉर्डर पर स्थित कोरी का कुआं गांव के पास सड़क पर खड़े डंपर में एक ऑटो घुस गया। हादसे में ऑटो सवार आठ लोगों गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया।

विज्ञापन

यहां डॉक्टर ने अनीता (50) निवासी रैपुरा भिंड और उनकी बुआ सास बिट्टनश्री (55) निवासी चकपुरा थाना बरोही भिंड मृत घोषित कर दिया। जबकि हालत गंभीर होने पर सरोजा देवी (46), आशादेवी (48), छोटे (18) पुत्र उमेश, नरसिंह (40) सभी निवासी रैपुरा व सुग्रीव बाबा निवाई रातनूपुरा थाना अटेर भिंड को आयुर्विज्ञान विवि रेफर कर दिया गया।  सरस्वती (60) निवासी रैपुरा का जिला अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। अनीता के देवर अरविंद ने बताया कि यह सभी लोग आगरा के जैतपुर गांव में एक रिश्तेदार के यहां बच्चे का जन्मदिन पर हो रही रामायण में जा रहे थे। बताया कि सभी भिंड से पैसेंजर ट्रेन से सवार होकर उदी तक आए थे। उदी स्टेशन से ऑटो पकड़कर सभी को जैतपुर जाना था।

डंपर में ऑटो टकराने से हादसा दुखद हादसा हुआ है। इसमें चार लोगों की जान गई है। चार लोगों का इलाज चल रहा है। प्रथम दृष्टया हादसे की मुख्य वजह क्षमता से अधिक सवारी बैठने की बात सामने आई है। जांच कराई जा रही है।  -बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसएसपी

वक्त पर नहीं पहुंची एम्बुलेंस, तड़पते रहे घायल
इटावा जिले में उदी-बाह मार्ग पर दर्दनाक हादसे में न केवल ऑटो की लापरवाही ने जानें लीं, बल्कि एंबुलेंस सेवा की देरी ने भी घायलों की पीड़ा बढ़ा दी। हादसे के बाद करीब आधे घंटे तक घायल सड़क पर तड़पते रहे, जबकि परिजन और राहगीर बार-बार 108 सेवा पर कॉल करते रहे। रैपुरा गांव के लोग भिंड पैसेंजर से उतरकर ऑटो से जैतपुर जा रहे थे, तभी कूरीकुआं गांव के पास खड़े डंपर में ऑटो जा भिड़ा। मौके पर चीखपुकार मच गई। यूपी 112 और पछायगांव थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन एंबुलेंस के इंतजार में सभी असहाय नजर आए। करीब 15 मिनट की देरी से एक सरकारी और एक निजी एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। तब तक पुलिस ने अपनी गाड़ी और थाना वाहन से घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास शुरू कर दिया था।

आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल
बीच रास्ते में एंबुलेंस मिल जाने के बाद घायलों को शिफ्ट कर जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन पूरी प्रक्रिया में लगभग डेढ़ घंटा लग गया। परिजनों का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंचती, तो कुछ जानें शायद बचाई जा सकती थीं। वहीं एसओ का कहना है कि सूचना मिलते ही कॉल की गई थी, लेकिन दूरी ज्यादा होने के कारण देरी हुई। 108 एंबुलेंस के कोऑर्डिनेटर अमित कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एंबुलेंस समय के भीतर ही पहुंच गई थीं और तीन एंबुलेंसों से घायलों को अस्पताल भेजा गया। हालांकि, घटनास्थल पर घायलों की तड़प और एंबुलेंस की देर से पहुंची राहत ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे के यह प्रमुख कारण

  • जिला अस्पताल में भर्ती घायल सरस्वती ने बताया कि हादसे के वक्त ऑटो की रफ्तार करीब 50-60 प्रति किलोमीटर घंटा थी। रास्ता सिंगल होने की वजह से हम लोगों ने धीरे चलाने के लिए भी कहा था, लेकिन चालक नहीं माना।
  • क्षमता से अधिक सवारियां होना हादसे की मुख्य वजह रहा। तीन सवारियां बैठाने के परमिट पर ऑटो चालक आठ सवारियां बैठाए था। सरस्वती के अनुसार उनके समेत पांच महिलाएं पीछे बैठी हुई थीं, जबकि तीनों आदमी आगे चालक के बगल में बैठे थे।
  • सिंगल रोड पर खड़ा डंपर भी हादसे की वजह बना। उदी वाह रोड पांच मीटर लंबी है। यहां एक वाहन खड़ा होने के बाद दूसरा वाहन निकलने की ज्यादा जगह नहीं मिलती है।

ये हैं हादसे के जिम्मेदार

  • ऑटो चालक।
  • यातायात पुलिस।
  • डंपर चालक।
  • एआरटीओ के अधिकारी।
  • स्थानीय थाना पुलिस।
विज्ञापन

जिंदगी और मौत से जूझ रहीं दो जिंदगियां
आयुर्विज्ञान विवि में भर्ती सरोज और छोटू की हालत देर रात तक गंभीर बनी हुई थी। छोटू वेंटिलेटर पर था। सरोज के परिजन उसे हालत में सुधार न होने पर देर रात ग्वालियर के लिए रेफर करा ले गए थे। आयुर्विज्ञान विवि के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि तीन लोग आयुर्विज्ञान विवि लाए गए थे। इनमें से दो की हालत ज्यादा खराब है। उन्हें बेहतर इलाज दिया जा रहा है। परिजन एक को रेफर कराकर अपनी स्वेच्छा से ग्वालियर ले गए हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें