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Etawah: बिजनौर से रेस्क्यू कर लाए गए तेंदुए ने दम तोड़ा, बोन डिफार्मिटी बीमारी से था पीड़ित

Thu, 13 Nov 2025 07:47 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

बिजनौर से रेस्क्यू कर लाए गए तेंदुए ने दम तोड़ दिया। शावक एक माह की उम्र में इटावा सफारी पार्क पहुंचा था। सफारी में 20 महीने तक इलाज चला।
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तेंदुआ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सामाजिक वानिकी प्रभाग बिजनौर की नगीना रेंज से रेस्क्यू कर लाए गए तेंदुए के शावक की गुरुवार को मौत हो गई। वह जन्म से ही हड्डियों के रोग से पीड़ित था और चलने फिरने में असमर्थ था। सफारी में लगातार तेंदुए के इस शावक का इलाज चल रहा था लेकिन उसने गुरुवार सुबह दम तोड़ दिया।

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बिजनौर के नगीना रैंज के गांव नियामतपुर में नौ जनवरी 2024 को एक तेंदुए का शावक मिला जिसकी उम्र लगभग एक माह थी और वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। इसपर वनविभाग की टीम ने शावक को रेस्क्यू किया और उसे इटावा सफारी पार्क में पहुंचा दिया गया। सफारी पार्क के कीपर लगातार उसकी देख रेख कर रहे थे लेकिन शावक जन्मजात हड्डियों की बीमारी से पीड़ित था जिसे बोन डिफार्मिटी कहा जाता है। इससे उसका ठीक से विकास भी नहीं हो रहा था।

डेढ़ साल से अधिक उम्र होने के बाद भी वह अभी भी चलने फिरने में असमर्थ था। वन्यजीव विशेषज्ञों की सलाह पर उसका यहां लगातार इलाज चल रहा था। तेंदुए की शारीरिक बनावट भी अन्य तेंदुओं की शारीरिक बनावट से अलग थी। तीन दिन पहले उसे तीन से चार बार उल्टी हुई। इसके बाद गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। इटावा सफारी पार्क के डायरेक्टर डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि तेंदुए का पोस्टमार्टम कराने के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है, जिससे उसकी मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता चल सके। इसकी सूचना प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव, उत्तर प्रदेश को भी लेपर्ड के मेडिकल हिस्ट्री के साथ दी गई है।

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