बेराेजगारी ने युवाअाें काे कर रखा है परेशान
कारखाना, दुकान बंद होने या छंटनी के कारण निकाले गए कर्मचारियों को अब दो साल बेरोजगारी भत्ता मिलेगा। शर्त यह होगी कि कर्मचारी ने संबंधित संस्थान में दो साल काम कर लिया हो। पहले बेरोजगारी भत्ता सिर्फ एक साल मिलता था और काम की अवधि कम से कम तीन साल होती थी। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना में संशोधन कर दिया है। सितंबर में हुआ संशोधन लागू हो गया है।
राजीव गांधी श्रमिक कल्याण योजना (आरजीएसकेवाई) में ईएसआईसी के बीमित व्यक्तियों को नौकरी छूटने पर बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। बीमित व्यक्तियों की डिमांड थी कि भत्ते की अवधि बढ़ाई जाए। ईएसआईसी ने अपनी 169वीं बैठक में उनकी डिमांड को मान लिया है।
ऐसे मिलेगा प्रतिमाह भत्ता
0 से 12 महीने - अंतिम औसत दैनिक मजदूरी का 50 फीसदी
13 से 24 महीने - अंतिम औसत दैनिक मजदूरी का 25 फीसदी
नोट - इस अवधि के दौरान आईपी और उसके परिवार को चिकित्सा लाभ भी मिलता रहेगा।
एक साल में कर सकते हैं दावा
योजना का लाभ लेने के लिए दावा प्रस्तुत करने की सीमा नौ महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है। बीमित व्यक्तियों को योजना का लाभ लेना चाहिए।
आरके नायक, अपर आयुक्त हितलाभ