औरैया इंडस्टि्रयल एरिया में जिला उपायुक्त उद्योग का कार्यालय
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दो साल पहले 242 निवेशकों ने जिले में 5,266 करोड़ रुपये का निवेश करने का वादा किया था। दो साल बाद केवल 1,184 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। वहीं, 4,081 करोड़ रुपये के निवेशक सामने नहीं आ रहे हैं। करीब 124 निवेशकों के लापता हो जाने से उद्योग शुरू करके रोजगार देने का वादा अधर में लटक गया है। विभाग और जनता को विकास का ख्वाब दिखाने वाले निवेशक का अब भी इंतजार है।
बता दें कि दो साल पहले हुए यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जिले में निवेश के लिए 242 संस्थान व लोग सामने आए थे। इन लोगों ने 18 विभागों के साथ अनुबंध किया (एमओयू) किया था। इन लोगों ने जिले में 5,266 करोड़ 23 लाख रुपये निवेश करने की बात कही थी। इससे 8,660 लोगों को रोजगार देने का दावा किया गया था। दो साल बाद 242 निवेशकों में से 124 लापता हो गए हैं। इन लोगों ने उद्योग विभाग से संपर्क तक नहीं किया है। बता दें कि जिला विकास में काफी पीछे है। इसके विकास के लिए उद्योग लगाने की योजना तैयार की गई थी। इससे लोगों को प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रोजगार मिलता तो विकास का पहिया भी चल पड़ता। निवेशकों के निवेश नहीं करने से विकास प्रभावित हो रहा है।
इन विभागों में किया जाना था निवेश
242 एमओयू के तहत एमएसएमई, पशु पालन, डेयरी, कृषि, हैंडलूम, उद्यान, यूपीसीडा, आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स, पयर्टन, तकनीकी शिक्षा, हैंडलूम, फूड सेफ्टी, को-ऑपरेटिव सहित 18 विभागों में निवेश किया जाना था। इनमें से कई विभागों ने अब तक निवेश की दिशा में कदम भी नहीं बढ़ाया है। कई विभाग लक्ष्य से काफी पीछे हैं।
किया जा रहा संपर्क
निवेशकों को खोजकर काम शुरू कराने की जिम्मेदारी जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के पास है। जिला उपायुक्त उद्योग दुर्गेश कुमार कहते हैं कि जिस भी निवेशक ने अनुबंध किया था, उनमें से कइयों ने निवेश किया है। वहीं, उद्योग मित्र देवेश चौहान कहते हैं कि अनुबंध करने वाले निवेशकों से संपर्क किया जा रहा है। उनकी समस्या दूर करने की कोशिश की जा रही है। इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भी भेजी गई है।