उद्यमियों, व्यापारियों और थोक विक्रेताओं को जांच के दौरान परेशानी से बचाने के लिए कानपुर जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कैश ले जाने में ढील दी है। 50 हजार के बजाय अब उद्यमी, व्यापारी और थोक विक्रेता 10 लाख तक नकदी लेकर चल सकेंगे। बशर्ते उन्हें एक तय प्रोफार्मा पर कैश लेन-देन का ब्योरा भरकर रखना होगा। अगर रकम दस लाख से ज्यादा हुई तो आयकर विभाग को सूचना देकर पड़ताल कराई जाएगी।
औद्योगिक नगरी होने के कारण कानपुर में हर रोज करोड़ों का लेनदेन होता है। चुनाव के कारण इस समय पचास हजार से ज्यादा नगदी लेकर चलने पर रोक है। ऐसे में चेकिंग के दौरान व्यापारियों, उद्यमियों और थोक विक्रेताओं का काफी परेशानी हो रही थी। ‘अमर उजाला’ ने पुलिस की चेकिंग के दौरान केश ले जाने वाले व्यापारियों, उद्यमियों और थोक विक्रेताओं को हो रही दिक्कतों के मामला गुरुवार के अंक में उठाया था। जिलाधिकारी ने इसका संज्ञान लेते हुए राहत दी है। जिलाधिकारी ने बताया कि व्यापारी, उद्यमी, थोक विक्रेता छह कॉलम का एक प्रोफार्मा बना लें। इन कॉलम में क्रम संख्या, व्यक्ति का नाम जिससे कैश प्राप्त किया है, उसकी दुकान या प्रतिष्ठान का नाम और पता, मोबाइल नंबर, कितना कैश प्राप्त किया, कैश देने वाले के हस्ताक्षर का ब्योरा होगा। यह प्रोफार्मा चेकिंग के दौरान पुलिस या सर्विलांस टीम को दिखाना होगा। जरूरत समझने पर पुलिस अफसर या मजिस्ट्रेट उन नंबरों पर फोन करके पड़ताल कर लेंगे और सब कुछ ठीक पाए जाने पर संबंधित व्यापारी या उद्यमी को जाने देंगे।