प्रदेश सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्री और कानपुर मंडल के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने बुधवार को मंडलायुक्त कार्यालय में सभी प्रमुख उद्यमियों, व्यापारी संगठनों के साथ बैठक की। उद्यमियों-व्यापारियों ने जीएसटी विभाग के अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याएं दूर करवाने और नए उद्योगों की स्थापना के लिए सहूलियतें देने की मांग उठाई।
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मंत्री ने मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और उद्योग विभाग के अफसरों को निर्देश दिए। समस्याएं समाधान कराने और रिपोर्ट बनाकर भेजने की बात कही। फीटा उद्योग संघ के महासचिव उमंग अग्रवाल ने राज्य जीएसटी के अफसरों की ओर से प्रत्येक प्रवर्तन अधिकारी, जोन, रेंज एवं जिला के महीने के अनुसार कर अपवंचन का लक्ष्य तय करने की व्यवस्था खत्म कराने की मांग उठाई।
औद्योगिक क्षेत्र फजलगंज में दिन में ट्रकों की आवाजाही पर रोक हटाने की मांग की। दिल्ली की तर्ज पर कानपुर को भी विशेष एनसीआर का दर्जा दिए जाने की भी मांग रखी। इसमें कानपुर नगर, उन्नाव, कानपुर देहात और बिंदकी क्षेत्र को शामिल करने की बात कही। पीआईए अध्यक्ष बृजेश अवस्थी ने पनकी साइट दो में भूगर्भ जल में अमोनिया आने, पनकी में ईएसआई की डिस्पेंसरी में एक डॉक्टर होने और डॉक्टर के हफ्ते में तीन दिन आने की समस्या बताई।
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उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत श्रमिकों के लिए घर मांगे। मंत्री ने कहा कि यदि जमीन उपलब्ध करा दें तो आवास बन जाएंगे। दाल मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश गुप्ता ने कानपुर देहात में नए उद्योगों से जुड़े आवेदनों का निस्तारण न होने की समस्या रखी। आईआईए के जिलाध्यक्ष दिनेश बरासिया और महिला उद्यमी ममता शुक्ला ने कहा कि बीआईसी और एनटीसी की जमीनें खाली पड़ी हैं।
जिन्हें ई-वाहन बनाने वाले उद्यमियों को दी जाए। उन्होंने डिफेंस कॉरिडोर में सीएफसी (कॉमन फैसिलिटी सेंटर) और परीक्षण प्रयोगशाला बनाने और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी केंद्र बनाने की मांग की। औद्योगिक भूमि को फ्री होल्ड करने की भी मांग की। रक्षा उद्यमी सुशील शर्मा ने कहा कि रक्षा उपकरण से जुड़े उद्योगों को डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रोडक्शन नई दिल्ली से हर काम के लिए अनुमति लेनी पड़ती है।
इसका एक केंद्र कानपुर में बनाया जाए। साथ ही राज्य स्तर पर एक हाई पावर समिति बनाई जाने की मांग की। लघु उद्योग भारती के लाडली प्रसाद ने उद्योगों में बिना जिलाधिकारी की अनुमति के जांच न किए जाने, टूल रूम शुरू कराने की मांग उठाई। उद्यमी प्रवीण सुराणा ने बताया कि यूपीसीडा ने औद्योगिक क्षेत्र रूमा में कम क्षमता का सीईटीपी लगाया है।
उद्यमी सुनील गुप्ता ने बताया गया कि उद्योगों को हर काम निवेश मित्र पोर्टल पर करना पड़ता है, पर उद्यमी उसको भर नहीं पाते। इसके लिए अफसर नियुक्त किए जाएं। उद्यमी प्रवीण शर्मा ने बताया कि कानपुर देहात का नाम बदलने की मांग करते हुए इसका नाम ग्रेटर कानपुर करने की बात कही। व्यापारी ज्ञानेश मिश्रा ने मंडी समिति के सभी कार्य ऑनलाइन होने पर भी व्यापारी को मंडी समिति में पूरी फाइल भौतिक रूप से देने की प्रथा को समाप्त करने की मांग की। नौघड़ा कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष शेषनारायण त्रिवेदी ने व्यापारिक क्षेत्रों में सीवर लाइन में गड़बड़ी की शिकायत की। बैठक में मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर, जिलाधिकारी विशाख जी., उपायुक्त उद्योग सुधीर श्रीवास्तव, उपायुक्त राज्य जीएसटी सुरेंद्र सिंह, अपरश्रमायुक्त एसपी शुक्ला, सहायक निदेशक कारखाना राम बहादुर, नवदीप श्रीवास्तव, शिव कुमार गुप्ता, मनोज शुक्ला आदि मौजूद रहे।
योजना शहर की, पंजीकरण के लिए जाना पड़ता लखनऊ, प्रयागराज
उद्यमियों ने कहा कि यूपीसीडा गंगा बैराज के आगे ट्रांसगंगा सिटी का विस्तार कर रहा है। यहां जमीनों की कीमत बहुत अधिक है। हालांकि उद्योग लगाने वाले कानपुर के उद्यमी हैं और उन्हें सरकारी अनुमति और पंजीकरण के लिए लखनऊ या प्रयागराज जाना पड़ता है। सुझाव दिया कि सरकार वहां की औद्योगिक औपचारिकताओं को कानपुर से संबद्ध कर दे तो उद्योग लगाने में आसानी होगी।
मंत्री ने अफसरों को दिए निर्देश
मंत्री अनिल राजभर ने ईएसआई डिस्पेंसरी में डॉक्टर नियुक्त करने के संबंध में श्रम विभाग के अफसरों को निर्देश दिए। सभी डिस्पेंसरी को व्यवस्थित तरीके से चलाने और उच्चस्तरीय कार्ययोजना बनाकर रिपोर्ट देने को कहा। उन्होंने कहा कि पांडू नगर में ईएसआई अस्पताल जो 2008 से बन रहा था, उसे भी जल्द पूरा कराया जाए।