साथ ही प्रशासन ने अभिरक्षक कार्यालय को इन संपत्तियों के एक करोड़ से ज्यादा कीमत के होने की जानकारी भी दे दी है, जिसके बाद अब इनकी नीलामी या लीज पर देने को लेकर फैसला लेना है। इस बीच वक्फ बोर्ड के इस पत्र ने असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। फिलहाल इन संपत्तियों को बेचने पर अभी फैसला नहीं हुआ है। लेकिन माना जा रहा है कि अगर बेचने को लेकर प्रक्रिया शुरू हुई, तो वक्फ बोर्ड का दावा इसमें रोड़ा अटका सकता है।
फ्लैट का मालिक खोजेगा नगर निगम
शत्रु संपत्ति घोषित हो चुका सिविल लाइंस के गोकुल अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 602 के असली मालिक का पता लगाने के लिए अब जिला प्रशासन ने नगर निगम से संपर्क साधा है। निगम पुराने दस्तावेजों के जरिये 2400 स्क्वायर फिट के इस फ्लैट का असली मालिक बताएगा। शत्रु संपत्ति के दस्तावेजों में यह फ्लैट पाकिस्तानी नागरिक हुमायूं नजर का है।