कानपुर देहात। नगर निकायों में जल निकासी के लिए बनाए गए 132 नालों में कई जगह आधे से अधिक पर कब्जा है। नाला पर अतिक्रमण सफाई अभियान में रोड़ा बनता है। अतिक्रमण हटाने का अभियान केवल मुनादी तक सीमित रह जाता है। इसके बाद कागजों पर नालों की सफाई हो जाती है। इससे हर बार नगर निकायों में कई मोहल्लों में जलभराव से लोग परेशान होते हैं।
जिले में 13 नगर निकाय हैं। नाला सफाई के नाम पर सालाना करीब 40 लाख रुपये खर्च का अनुमान है। इधर बारिश से पहले नाला सफाई की जरूरत है। कई निकायों में नाला सफाई शुरू है। अब तक करीब 40 नालों की सफाई का दावा किया जा रहा है। वहीं नालों पर पक्की स्लैब व नालों के ऊपर प्लास्टर कराकर बंद किए गए नालों की सफाई नहीं हो पा रही है। गंदगी से पटे नालों के यह हिस्से अवरुद्ध होने से बारिश में नालों के उफनाने और बस्ती में जलभराव होना तय है। निकाय प्रशासन इस पर लापरवाह है।
झींझक में दो दिन पहले छोटा चौराहा के पास फौरी तौर पर नालों के ऊपर का अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई। बुलडोजर मंगवाकर ईओ ने एक-दो जगह नालों पर कब्जा हटवाया। इसके बाद खुद की अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देकर कर्मी चलते बने। रसूलाबाद, सिकंदरा, राजपुर, पुखरायां, अमरौधा आदि नगर निकायों में नालों पर पक्के निर्माण के मामले हैं। इससे इन नालों की सफाई कागज में हो रही है। अवरुद्ध नालों से बारिश में जल भराव तय है।
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बयान....
कुछ दिन पहले ही जिले में चार्ज लिया है। बारिश से पहले नालों की सफाई ठीक से कराई जाए यह जरूरी है। साफ सफाई में लगे कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। नालों की सफाई में बाधक निर्माण हटवाए जाएंगे। - सुनील कुमार सिंह, नोडल ईओ ।
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रूरा में फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने को मुनादी कराई
रूरा। नगर के मुख्य मार्गों के फुटपाथ व सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटवाने के लिए शुक्रवार को नगर निकाय प्रशासन ने मुनादी कराई। चेताया गया कि अतिक्रमण नहीं हटाएंगे तो नगर पंचायत प्रशासन अभियान चलाकर कार्रवाई करेगा। नगर में सबसे अधिक अतिक्रमण नहर पुल के आसपास है। इसके बाद नाला तक दुकानदार कब्जा किए हैं जबकि ओवर ब्रिज बन जाने के बाद नीचे के रास्ते पर अतिक्रमण बढ़ गया है। दुकानदार पुल के नीचे कब्जा किए हैं। कोई पेटी दुकान रखे है तो कोई सामान एकत्र किए है। बड़े चौराहे के पास पुल के नीचे ऑटो खड़े होते हैं। वहीं, दुकानदार बाइकें खड़ी कराते हैं इससे निकलने के लिए जगह नहीं बचती है। वहीं, डेरापुर मार्ग पर स्टेट बैंक के सामने से लेकर पुलिया तक फुटपाथ पर अतिक्रमण है। अकबरपुर मार्ग पर पुल के नीचे होटल व अन्य दुकानें फुटपाथ तक लगती हैं। ईओ मनीष कुमार ने बताया कि बीते साल अभियान चलाया गया था, अब दुकानदारों ने फिर से फुटपाथ पर कब्जा कर लिया है। इससे यातायात प्रभावित होता है। एनाउंसमेंट के जरिये मुनादी करा कर खुद अतिक्रमण हटा लेने की अपील की गई है। इसके बाद अभियान चलाया जाएगा। (संवाद)