इस पर हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग से आख्या तलब की। कानपुर के सीएमओ डॉ. हरीदत्त नेमी मामले की जांच करने पोस्टमार्टम हाउस गए। इसके बाद विकास दुबे का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो सका। अब वह दस्तावेजों में भी खत्म हो गया है। बीमा पॉलिसी का लाभ नॉमिनी को नहीं मिल पा रहा था।
ऋचा दुबे ने याचिका में कहा था कि दस्तावेजों में विकास दुबे को मृत नहीं माना गया जिससे उसके नाम पर हुई बीमा पॉलिसी का लाभ नॉमिनी को नहीं मिल रहा। विकास के नाम पर जितनी संपत्ति या जमीन थी वह भी उसके वारिसों के नाम पर स्थानांतरित नहीं हो रही है। इससे हर जगह दिक्कत उठानी पड़ रही है।
जुलाई 2020 में हुआ था बिकरू कांड
दो जुलाई 2020 को चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में कुख्यात अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम के वाहनों को पहले योजना के तहत जेसीबी लगाकर रोका गया। जब पुलिस के जवान अपने वाहनों से उतरकर जेसीबी पार कर विकास दुबे के घर की ओर बढ़े तो विकास दुबे के घर की छत व आसपास के घरों से घेराबंदी कर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इस कांड में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की जान गई थी। इसके बाद यूपी पुलिस और एसटीएफ ने मिलकर इस कांड से जुड़े छह अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
11 सितंबर को विकास दुबे का मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। इसे कोर्ट की ओर से भेजे गए बिकरू के पते पर रजिस्टर्ड डाक से भेज दिया गया था। - राजेश सिंह, जोनल अधिकारी, जोन-चार, नगर निगम