हरदोई के प्रख्यात सराफा व्यवसायी की दुकान से 30 लाख रुपये कीमत के हीरे ओर सोने के जेवर पार कर लिए गए। स्टॉक के मिलान के दौरान पूरे मामले का पता चलने पर व्यवसायी के पैरों तले जमीन खिसक गई। शंका के आधार पर पुलिस ने शोरूम के ही एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो सारा मामला खुल गया।
दो लोगों के विरुद्ध पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। शहर कोतवाली क्षेत्र के सिनेमा रोड पर स्थित निर्भय निवास में रहने वाले अनुज महेंद्रा पुत्र कैलाशनाथ की प्रसिद्ध सराफा की दुकान काशीनाथ सोमनाथ सराफ प्रा.लि. के नाम से है। इस फर्म में अनुज का पुत्र दिव्यांश महेंद्रा भी निदेशक है।
पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक अनुज महेंद्रा को मार्च 2020 में अपने कारोबार के स्टॉक का मिलान करना था, लेकिन लॉकडाउन होने के कारण ऐसा नहीं हो पाया। 24 जून को अनुज ने फर्म में रखे सोने के हीरे जड़ित आभूषणों के स्टॉक का मिलान शुरू किया तो स्टॉक में हीरा जड़े पांच जोड़ी टॉप्स, हीरे की छह अंगूठी, हीरे की दो नाक की कील, हीरे के तीन पेंडेंट, हीरे का एक नेकलेस सेट झालों सहित, दो जोड़ी हीरा जड़ित कंगन कम मिले।
इन जेवरों में 200 ग्राम सोना और 55 कैरेट हीरा था। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये हैं। स्टॉक कम होने के बारे में पूछने पर दुकान में उक्त काउंटर को संभालने वाले नीरज रस्तोगी पुत्र ब्रजभान रस्तोगी निवासी कांठ जनपद शाहजहांपुर से जानकारी की गई तो उसने कोई सही जवाब नहीं दिया।
इसके बाद जब उससे फिर से पूछताछ की गई तो पता चला कि उसने लखनऊ के आलमबाग में रहने वाले सोने के कारीगर सतीश को उक्त जेवर बेच दिए। सतीश का भी दुकान पर पहले से आना-जाना था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर नीरज रस्तोगी और सतीश के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शहर कोतवाल शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि नीरज रस्तोगी को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया है।