एसएएफ का जवान सचिन शर्मा की , गांव में किया गया अंतिम संस्कार (फाइल फोटो)
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यूपी के चित्रकूट जिले में डकैतों की तलाश में 22 जून को चित्रकूट सीमा से सटे बटोही के जंगल में गए मध्य प्रदेश पुलिस के 14वीं बटालियन एसएएफ (स्टेट आर्म्स फोर्स) जवान सचिन शर्मा की डिहाईड्रेशन से मौत के मामले में गुरुवार को 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
मध्यप्रदेश के सतना के एसपी राजेश हिंगडकर ने गुरुवार को बताया कि चित्रकूट जिले के सीमा क्षेत्र बगदरा घाटी में विगत 22 जून को पुलिस की छह टीमें डकैतों की तलाश के लिए गईं थी। एक टीम में शामिल एसएएफ जवान सचिन शर्मा 22 जून को ही जंगल में रास्ता भटकने से टीम से अलग हो गए थे और उनकी प्यास से तड़पकर मौत हो गई थी। सचिन का शव 24 जून को जंगल से बरामद किया गया था।
एसपी ने बताया कि भोपाल पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देश के बाद कांबिंग के दौरान लापरवाही बरतने पर सतना के नयागांव थाने के दरोगा बालकेश सिंह, एएसआई कप्तान सिंह, रणविजय, इष्टदेव, विवेक सिंह, मझगवां थाने के सिपाही आरके पांडेय, देवेंद्र मिश्रा, 14वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट सर्वेश शर्मा, जवान रामलाल, अशोक और एक अन्य को निलंबित कर दिया गया है। संभावना है कि सीआईडी जांच भी होगी है।
जवान सचिन शर्मा की बटोही के जंगल में भटकने के बाद प्यास से तड़पकर मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डिहाईड्रेशन को मौत की बताई गई है। जवान सचिन के पुत्र देवेश ने पिता को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग की है।