सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लोगों से 66 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ितों ने जब रुपया वापस करने का दबाव बनाया तो आरोपी ने परिजनों के साथ मिल पीड़ितों को पीट दिया। पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने उत्तराखंड के नैनीताल निवासी एक महिला समेत पांच लोगों पर मारपीट व धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया है।
यूपी के उन्नाव जिले में माखी थाना क्षेत्र के थाना गांव निवासी सूरज सिंह पुत्र स्व. रणवीर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उत्तराखंड के नैनीताल निवासी संजय सिंह पुत्र शिवनायक सिंह, गोल्डी पत्नी संजय सिंह, संजय सिंह के ससुर एमपी सिंह, साला सतवीर सिंह व आदेश पुत्र जगन्नाथ ने खुद को सचिवालय व मंत्रालय के लोगों से संपर्क होने व उनकी मदद से सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा तीन वर्ष पूर्व दिया था।
महिला समेत पांच पर मुकदमा दर्ज
इसके एवज में उन्होंने संजय सिंह से 15 लाख, अरुण से 6.6 लाख, सुरेंद्र कुमार से 3.5 लाख, बाबू सिंह व आलोक सिंह से 6 लाख, सूरज से 4.48 लाख, यशकरन से 6 लाख, रामसजीवन से 7.5 लाख, शुभम, गोविंद व मुन्ना से 6 लाख रुपये ले लिए। रुपये लेने के बाद सभी लोगों को परीक्षा दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ले जाया गया था। कुछ दिन सभी को वहां रोका गया, इसके बाद उन्हें वापस भेज दिया गया।
नौकरी न मिलने पर जब लोगों ने रुपये वापस करने का दबाव बनाया तो उत्तराखंड निवासी संजय ने चेक दी, जोकि बाउंस हो गई। आरोप है कि 7 फरवरी को सभी पीड़ितों को संजय सिंह ने आवास विकास बुलाया। यहां उन्होंने जब रुपये वापस मांगे तो उनसे मारपीट की गई। पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने उत्तराखंड निवासी संजय, उनकी पत्नी गोल्डी, ससुर एमपी सिंह, साले सतवीर सिंह व आदेश के खिलाफ मारपीट व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।