महंगाई की मार झेल रहे प्रदेशवासियों को बिजली भी तगड़ा झटका देने जा रही है। गांवों से लेकर शहरों तक के बिजली उपभोक्ताओं को अब बिजली की और ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
बुधवार को औपचारिक रूप से राज्य निर्वाचन आयोग की हरी झंडी मिल जाने के बाद राज्य विद्युत नियामक आयोग बृहस्पतिवार को 2017-18 की बिजली दरों का एलान करने जा रहा है। हालांकि पावर कॉर्पोरेशन ने सभी श्रेणियों को मिलाकर दरों में औसतन 22.67 फीसदी की वृद्धि प्रस्तावित की है लेकिन माना जा रहा है कि आयोग दरों में औसतन 14-18 फीसदी तक की वृद्धि कर सकता है। खास बात यह है कि बिजली कंपनियों के घाटे की भरपाई के लिए इस बार ग्रामीण क्षेत्रों की दरें भी तकरीबन शहरों के बराबर तय करने पर जोर है।
ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को जहां 150 फीसदी तक ज्यादा बिजली का बिल देना पड़ सकता है वहीं किसानों की दरों में भी करीब 50 फीसदी तक इजाफा होने के आसार हैं। शहरी घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 12 फीसदी तक की वृद्धि हो सकती है। गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लाइफ लाइन उपभोक्ताओं को 150 की जगह 100 यूनिट बिजली ही रियायती दर पर मिलेगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग बृहस्पतिवार को 2017-18 की बिजली दरों का एलान करेगा। दिसंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में बिजली की नई दरें प्रभावी हो जाने की संभावना है।
ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा बढे़गा बोझ
इस बार ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा बोझ बढ़ने के आसार हैं। दो किलोवाट तक के अनमीटर्ड उपभोक्ताओं की दर 180 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह से बढ़ाकर 300 से 400 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि मार्च 18 तक ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं की दरें 300 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह रहेंगी। अप्रैल 18 से उन्हें 400 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह देना पड़ सकता है। इसी तरह ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज और विद्युत मूल्य बढ़ाया जा सकता है।
किसानों पर भी बढ़ेगा बोझ
प्रदेश के ग्रामीण अनमीटर्ड किसानों को सिंचाई के लिए अभी तक 100 रुपये प्रति हार्सपावर प्रतिमाह की दर प्रभावी है। अब इसे बढ़ाकर150 रुपये प्रति हार्सपावर प्रतिमाह किया जा रहा है। इसी तरह मीटर्ड सप्लाई पर फिक्स चार्ज और विद्युत मूल्य बढ़ने की संभावना है।
शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को झटका
शहरी बिजली उपभोक्ताओं के मौजूदा फिक्स चार्ज 90 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह को बढ़ाकर 100 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह किया जा रहा है। विद्युत मूल्य में भी 25 से 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की जा सकती है।
कॉमर्शियल उपभोक्ताओं पर भी भार
नई दरों में कामर्शियल उपभोक्ताओं पर भी भार बढ़ने के संकेत हैं। ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज 200-300 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह तक बढ़ सकता है। मीटर्ड उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज और विद्युत मूल्य भी बढ़ाया जा रहा है। शहरी कामर्शियल उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज बढ़ाने के साथ-साथ विद्युत मूल्य 7.95 रुपये प्रति यूनिट से बढ़ाकर 8.30 रुपये प्रति यूनिट किए जाने की संभावना है।
अन्य श्रेणियों में भी होगी वृद्धि
इसके अलावा सार्वजनिक प्रकाश, सिंगल प्वाइंट बल्क लोड, सार्वजनिक एवं निजी संस्थाओं, निजी विज्ञापन, राजकीय नलकूप, वाटर वर्क्स, अस्थायी कनेक्शन, विभागीय कर्मचारियों की दरों में भी वृद्धि किए जाने के संकेत है।
उद्योगों को राहत
नई बिजली दरों में लघु, मध्यम तथा बड़े व भारी उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है। आयोग व पावर कॉर्पोरेशन का मानना है कि उद्योगों की दरें पहले से ही ज्यादा हैं इस श्रेणी में वृद्धि प्रस्तावित ही नहीं की गई थी।