कानपुर देहात। जिले में बुधवार मध्यरात्रि आई आंधी में क्षतिग्रस्त हुई बिजली लाइनों को पूरी तरह से दुरुस्त नहीं किया जा सका है। हालात ये हैं कि 78 घंटे बीतने के बाद भी 100 गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इन गांवों में चक्की कारखाने भी बंद है। पंखे कूलर ठप होने से लोग उमस भरी गर्मी में पसीना बहा रहे हैं।
आंधी में बेपटरी हुआ बिजली तंत्र पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सका है। मेन लाइन तो ठीक करा ली गई। मगर एलटी लाइनें अभी भी क्षतिग्रस्त हैं। 600 से अधिक बिजली पोल टूटने से लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। बिजली निगम कर्मी सभी लाइनों को ठीक नहीं करा सके हैं। इसकी वजह से कहीं पोल टूटे पड़े हैं तो कहीं तार खेतों में झूल रहे हैं। रूरा, सरवनखेड़ा, रनियां-रायपुर, राजपुर, सिंगरसीपुर, मुतैहरापुर, रसूलाबाद ग्रामीण उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों की बिजली 78 घंटे बाद भी बहाल नहीं हो सकी है।
रसूलाबाद ग्रामीण उपकेंद्र के 17 गांवों की बिजली गुल है। गांवों में चक्की व पिराई स्पेलर नहीं चलने से कारोबारी परेशान हैं। प्रभारी अधीक्षण अभियंता सुमित व्यास ने बताया कि अधिकांश गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल हो गई है। कुछ गांवों में काम हो रहा है। रविवार तक सभी जगह बिजली आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद है।
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रायपुर के 40 गांवों की बिजली गुल
रनियां। रायपुर उपकेंद्र से जुड़े चालीस गांवों में शनिवार देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। विसायकपुर, गोइनी, पैराजोर, ररुआ, लोदीपुर, धनजुआ, पहाड़पुर, रायपुर, श्यामपुर, शेरपुर, तरौंदा सहित 40 गांवों में 78 घंटे बाद भी बिजली गुल है। एसडीओ विकास सोनी ने बताया कि पोल बदलने का काम चल रहा है। देर रात तक कुछ गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। इधर रनियां नगर के शिवाजी नगर व आंबेडकर नगर क्षतिग्रस्त तीन पोल नहीं बदलने से करीब पचास घरों में आपूर्ति बंद है। वहीं, राजपुर में भी 20 गांवों की बिजली अब तक गुल है। राजपुर जेई प्रवीण मिश्रा ने बताया कि काम चल रहा है। जल्द ही बिजली आपूर्ति चालू की जाएगी। (संवाद)
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अफसरिया में पांचवें दिन भी रहा अंधाकुप
राजपुर। अफसरिया में रखा 250 केवी ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी है। इससे दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। गांव में करीब 600 घरों में पांचवें दिन भी बिजली गुल रही। फैजान, एजाज अहमद, मोहम्मद आमीन, जावेद अहमद, सददाम हुसैन आदि ने बताया कि कम क्षमता का ट्रांसफार्मर है। दो ट्रांसफार्मर रखे जाएं तो यह दिक्कत नहीं होगी। करीब 2000 की आबादी पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है। जेई प्रवीण मिश्रा ने बताया कि ग्रामीण दो ट्रांसफार्मर रखने पर अड़े हैं। रविवार को नया ट्रांसफार्मर रखवाकर बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। वहीं सरवनखेड़ा क्षेत्र के 15 गांवों की बिजली भी शनिवार तक बहाल नहीं हो सकी। जेई मयंक सिंह राठौर ने बताया कि देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। (संवाद)
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फोटो- 13 गहलौ के प्रेमपुर गांव में टूटा पोल। संवाद
अमौली व प्रेमपुर में गुल है बिजली
रूरा। नगर के उपकेंद्र से जुड़े गहलौ फीडर के प्रेमपुर व बनीपारा उपकेंद्र से जुड़े अमौली की तीसरे दिन शनिवार को भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इन दोनों गांवों के करीब 200 घरों में लोग परेशान हैं। प्रेमपुर के अमरबहादुर सिंह, वीरेंद्र, संतोष व झल्लू सिंह ने बताया की बुधवार रात की आंधी में तीन पोल टूट गए थे। यह पोल बदले नहीं गए हैं। पेयजल की किल्लत बनी है। जेई नीतिल उपाध्याय ने बताया कि जल्द ही इन गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। (संवाद)
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फोटो-10 रूपपुर गांव में हैंडपंप से पानी भरने के लिए लगी भीड़। संवाद
पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोग, हैंडपंप पर लग रही लाइन
सरवनखेड़ा। तीन दिन से बिजली आपूर्ति ठप होने से सैथा, गंगागंज, हिलौंती, मुर्रा, भरतपुर पियासी, आलापुर, सरदारपुर व विश्व बैंक फीडर के गोगुमऊ, कुटी, गौरीपुर, दुवारी, पैराजोर में पेयजल किल्लत बनी है। गोगूमऊ में पानी की टंकी नहीं है। इसकी वजह से गोगुमऊ, गौरीपुर, कुटी में लोग हैंडपंप पर निर्भर हैं। दीपक सिंह, राजेश तिवारी आदि ने बताया कि दूर लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। वहीं रूपपुर व खनपना में पेयजल किल्लत बनी है। खलपना के सूरज, शिवम, अंश ने बताया कि टंकी की सौर ऊर्जा प्लेट क्षतिग्रस्त हो गई है। डीजल उपलब्ध नहीं होने का तर्क देकर ऑपरेटर जनरेटर नहीं चला रहा है। (संवाद)