कानपुर के विद्युत लोको शेड ने एक डुअल मोड इंजन बनाया है। इसका उपयोग खासकर इंजनों की शंटिंग कराने में होगा। यह इंजन जहां ओएचई है, वहां भी चलेगा और जहां बिजली की लाइन नहीं है, वहां बैटरी से चलेगा। फजलगंज स्थित इलेक्ट्रिक लोको शेड में इंजनों की मरम्मत होती है।
मरम्मत करने के लिए जिस सेक्शन में ऊपर ओएचई लाइन नहीं होती है, वहां इंजन को ले जाने में दिक्कतें होती हैं। दरअसल, इंजीनियरों को इंजन पर चढ़कर मरम्मत करनी होती है। जहां ओएचई होगी, वहां हैवी करंट की वजह से मरम्मत नहीं हो सकेगी।
अब इस नए विकसित शंटिंग इंजन से मरम्मत वाले इंजन को इलेक्ट्रिक (ओएचई) सेक्शन और बिना इलेक्ट्रिक सेक्शन (अनवायर्ड पिट) में ले जाने में आसानी होगी। अभी तक बिना ओएचई वाले सेक्शन में इंजन को ले जाने के लिए तीन से चार डेड इंजन लगाकर वहां तक इंजन को शिफ्ट करने में कई बार शंटिंग करनी पड़ती थी। इसमें घंटों लगते हैं।
मॉडीफाइड सर्किट करेगी डुअल मोड का काम
प्रयागराज मंडल के पीआरओ केशव त्रिपाठी ने बताया कि इस लोको पर माडीफाइड सर्किट को विद्युत लोको शेड कानपुर ने ही डिजाइन किया है। इस सर्किट में फेल्योर तथा आग लगने के खतरे को कम से कम रखने के लिए बहुत ही कम पावर कान्टैक्टर्स का इस्तेमाल किया गया है। इस सर्किट में लगाए सिलेक्टर स्विच की मदद से लोको (इंजन) को ओएचई या बैटरी मोड में से किसी एक मोड पर चलाया जा सकता है।