नए साल से 100 इलेक्ट्रिक सिटी बसें शहर मेें यात्रियों को सुगम सफर कराएंगी। इन बसों के आने से पहले चरण में 15 साल पूरी कर चुकी सीएनजी बसें हटाई जाएंगी। दूसरे चरण में सारी बसों को ‘नमस्ते’ कर दिया जाएगा। यह योजना यूपी के कानपुर शहर में चलाई जा रही है। इलेक्ट्रिक बसें न सिर्फ शहर का प्रदूषण कम करेंगी, विभाग का मुनाफा भी बढ़ा देंगी। रोडवेज के लिए इलेक्ट्रिक बसें मुनाफे का सौदा होगा। इलेक्ट्रिक बस के एक किलोमीटर चलने पर करीब आठ रुपये खर्च आएगा, जबकि सीएनजी बसों पर 15 रुपये के लगभग एक किलोमीटर में खर्च आ रहा है।
प्रदूषण के साथ खर्च भी कम
इलेक्ट्रिक बसों में सिर्फ बिजली का खर्च आता है। एक यूनिट बिजली से एक किलोमीटर तक यह बस चलेगी। कॉमर्शियल बिजली करीब आठ रुपये प्रति यूनिट है। सीएनजी बस एक किलो सीएनजी से चार किलोमीटर चलती है। सीएनजी 59 रुपये प्रति किलो है। सीएनजी बसों के एक किलोमीटर चलने का ईंधन खर्च करीब 15 रुपये और इलेक्ट्रिक बस केएक किलोमीटर का खर्च आठ रुपये है। इलेक्ट्रिक बस एक बार फुल चार्ज होने पर 150 किलोमीटर चलती है।