मेट्रो के शुरू होने के साथ ही शहर को 100 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात भी मिल जाएगी। ये बसें हाइवे के प्रवेश द्वार पर बनने वाले सैटेलाइट बस अड्डों से यात्रियों को लाने और ले जाने का काम करेंगी। इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने के लिए अहिरवां के पास चार्जिंग सबस्टेशन बन रहा है। केडीए ने इसके लिए जमीन दे दी है, इसका निर्माण नगर निगम करा रहा है।
जाम-प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति
मेट्रो और इलेक्ट्रिक बसों की जुगलबंदी से शहर में दो तरह की समस्याओं पर काबू होगा। एक तो दोनों साधनों से यात्रियों को लाने ले जाने में प्रदूषण नहीं मिलेगा। गो ग्रीन का संदेश न सिर्फ इलेक्ट्रिक बसें, बल्कि मेट्रो भी देगी। इसके अलावा शहर के पांच हाईवे के प्रवेश द्वार पर बस अड्डों के बनने से झकरकटी का लोड कम हो जाएगा।
जाम नहीं लगेगा। 50 इलेक्ट्रिक सिटी बसों को सैटेलाइट बस अड्डों के पास लगाया जाएगा, जिनसे गैर राज्य या गैर जनपदों से आने वाले यात्रियों को शहर आने में आसानी हो। वहीं 50 बसों को मेट्रो स्टेशनों के पासलगाया जाएगा, जिनसे यात्रियों का आना-जाना आसान हो।
मंडलायुक्त शहर में जाम और प्रदूषण को खत्म करने के लिए कवायद कर रहे हैं। सैटेलाइट बस अड्डों और मेट्रो स्टेशनों के पास इलेक्ट्रिक बसों की उपलब्धता लोगों को सहूलियतें देंगी। इसके अलावा जाम और प्रदूषण में भी कमी आएगी। - राकेश अग्रवाल, एआरएम, सिटी बस सेवा