आज के बाद से नहीं होगा चुनाव प्रचार
तीसरे चरण के चुनाव के लिए 12 जनपदों के 69 विधानसभा क्षेत्रों में शुक्रवार शाम पांच बजे से प्रचार थम गया। अंतिम दिन सभी प्रत्याशियों ने अपनी ताकत झोंक दी। जिलों में रोड शो, रैलियां, जनसभा, नुक्कड़ सभा होती रहीं। वाहनों और नारों के शोर ने शहर में चुनावी ‘रंग’ घोल दिया। अब प्रत्याशी घर-घर जाकर बिना नारेबाजी के वोट मांग सकेंगे। जुलूस निकालने, रैली या फिर जनसभा करने की इजाजत नहीं मिलेगी।
19 फरवरी को डाले जाएंगे वोट
कानपुर जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों के अलावा फर्रुखाबाद के चार विधानसभा क्षेत्र, हरदोई के आठ, कन्नौज के तीन, इटावा के तीन, औरैया के तीन, मैनपुर के चार, कानपुर देहात के चार, उन्नाव के छह, लखनऊ के नौ, बाराबंकी के छह, सीतापुर के नौ विधान सभा क्षेत्रों में 19 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। इसके 48 घंटे पहले ही चुनाव प्रचार पर ब्रेक लग गया। अंतिम दिन सपा, बसपा, भाजपा और कांग्रेस ने जमकर प्रचार किया।
आज से नहीं आएगा कोई स्टार प्रचारक
गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी निर्मल तिवारी ने रोड शो किया। कांग्रेस प्रत्याशी अंबुज शुक्ला ने वाहन रैली निकाली। भाजपा प्रत्याशी सत्यदेव पचौरी के पक्ष में दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने जनसभा की। किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों ने भी वाहन जुलूस निकाल और जनसभा कराके अपनी ताकत का एहसास कराया। कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव प्रचार में एक दूसरे को पीछे छोड़ने की होड़ रही। कानपुर कैंट, सीसामऊ, आर्य नगर, बिठूर, महाराजपुर, घाटमपुर और बिल्हौर में भी खूब प्रचार किया गया। कांग्रेस के बड़े नेताओं ने जनसभाएं भी कीं। न ही कोई स्टार प्रचारक आएगा। शनिवार से जनसभाएं नहीं होंगी। बड़े काफिले के साथ वोट नहीं मांगे जा सकेंगे। इसका उल्लंघन मिला तो रिटर्निंग आफिसर कानूनी कार्रवाई करेंगे।
अब बूथ मैनेजमेंट पर जोर
चुनाव प्रचार थमने के बाद देर शाम सभी राजनीतिक दलों ने पोलिंग स्टेशनों के मैनेजमेंट का काम शुरू कर दिया। पार्टियों के केंद्रीय कार्यालयों में अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के पोलिंग स्टेशनों पर मेज लगाने, एजेंट तय करने का काम शुरू हो गया है। शुक्रवार शाम तक सभी स्टेशनों के बाहर पार्टियों की मेजें लग गईं। लोगों के घर-घर जाकर पर्चियां देने की जिम्मेदारी भी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है।