कानपुर देहात। रविवार शाम को आई आंधी से गुल हुई बिजली 24 घंटे बाद भी नहीं सुधर सकी है। सरवनखेड़ा, झींझक, डेरापुर, रसूलाबाद, शिवली, रूरा सब स्टेशन की लाइनों में हुए फाल्ट से 712 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सोमवार देर शाम तक 212 गांवों की आपूर्ति सुचारु हो सकी। पांच सौ गांवों में अभी भी बिजली संकट था। बिजली न आने से पानी का संकट भी रहा। कोरोना से बचाव के लिए बार-बार हाथ धोने से हर घर में पानी की खपत ज्यादा हो रही है। ऐसे में पीने के पानी तक का जुगाड़ मुश्किल से हुआ।
आंधी से सरवनखेड़ा सब स्टेशन की मेन लाइन के दो पोल रनियां में टूट गए। इससे सब स्टेशन से जुड़े सरवनखेड़ा, लोहारी, मनेथू, दुआरी, पेराजोर, सैंथा, गजनेर, कौसम, नाहीं ज्यूनियां समेत सौ गांवों की बिजली बाधित हो गई। बिजली न आने से सबमर्सिबल नहीं चल सके। इससे पानी का भी संकट हो गया। रसूलाबाद क्षेत्र में बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। रसूलाबाद के रहीम नगर में नीम का सूखा पेड़ गिरने से विद्युत तार टूट गए। बिल्हौर से सब स्टेशन को जाने वाली लाइन में कई जगह फाल्ट हो गए। इससे सुभाष नगर, तुलसी नगर, रहीम नगर, लोहिया नगर, कबीर नगर, आजाद नगर, विकास नगर, शास्त्री नगर, केशव नगर के साथ 50 गांवों की बिजली गुल रही। झींझक में फाल्ट होने पर 250 गांवों की बिजली गुल रही। मकनियापुर फीडर के ककरापुर गांव के पास हाईटेंशन लाइन के दो पोल टूट गए। रसूलाबाद फीडर के करियाझाला गांव में भी पोल टूट गया। विश्व बैंक फीडर के जलिहापुर गांव के मजरा बंजाराडेरा में दो पोल टूट गए। सुरासी, खानपुर गांवों के पास पोल टूटने से आपूर्ति बाधित रही। जेई सचिन यादव ने बताया कि आपूर्ति शुरू करने का काम चल रहा है। रनियां में रायपुर फीडर के आठ पोल टूट गए। इससे इटैलिया, करसा, पिटरापुर समेत तीन गांवों की आपूर्ति बाधित हो गई। जेई सागर प्रसाद ने बताया कि फाल्ट ठीक कराए जा रहे हैं। शिवली के मैथा व शोभन सब स्टेशन से जुड़े दो सौ गांवों की आापूर्ति रविवार रात बाधित हो गई। उसे सोमवार को ठीक कर लिया गया। बैरी, औनहा, बाघपुर की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। रूरा में कारी, गहलौं, भंवरपुर समेत 12 गांवों की आपूर्ति सोमवार तक शुरू नहीं हो सकी। उधर, भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के पांच उपकेंद्रों के दो सौ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पीने के पानी का संकट रहा। देवीपुर फीडर में किशोरपुर के पास मेनलाइन के खंभे टूट गए। अन्य फीडरों की लाइनों में कई जगह फाल्ट हो गया। उपकेंद्र असेवा, नोनापुर, अकोढ़ी, गौसगंज से संबंधित गांवों की लाइनों में भी फाल्ट हो गया। लोगों को रात अंधेरे में ही गुजारनी पड़ी। सोमवार दोपहर तक कुछ गांवों की आपूर्ति चालू कर दी गई। खंभा टूटा होने के कारण बरौर उपकेंद्र के देवीपुर फीडर की आपूर्ति सोमवार देर शाम तक चालू नहीं हो सकी। पुखरायां एसडीओ राकेश सोनी ने बताया कि उपकेंद्र बरौर और असेवा अकबरपुर रेंज में आते हैं। मरम्मत का कार्य जारी है।
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रोजेदारों ने अंधेरे में पढ़ी तारावीह
डेरापुर। विद्युत आपूर्ति बाधित होने से रोजेदारों को परेशानी उठानी पड़ी। रविवार देर शाम रोज इफ्तार अंधेरे में ही करना पड़ा। तरावीह भी अंधेरे में ही पढ़ी गई। बड़ी समस्या शहरी के समय हुई। बहुत से रोजदारों ने अंधेरे के चलते दूध या फलों से ही शहरी कर रोजा रख लिया। शंकर नगर निवासी शमशाद खां, परवेज खां ने बताया कि अब केरोसिन भी नहीं मिलता है। इससे बिजली बाधित होने पर अंधेरे में रहना मजबूरी है।
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