यूपी के असोहा में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने अाया है। यहां छोटे भाई के इलाज के लिए रुपयों का इंतजाम न होने से परेशान एक भाई ने माैत की राह चुन ली अाैर भाई का इलाज ना करवा पाने के गम में खुदकुशी कर ली। रविवार सुबह उसका शव गांव के बाहर पेड़ पर फंदे से लटका मिला। पुलिस जांच कर रही है।
असोहा थानाक्षेत्र के केवनी गांव निवासी रमेश उर्फ रामू (37) पुत्र रामकुमार के छोटे भाई श्याम किशोर की शुक्रवार को पेट दर्द से हालत बिगड़ गई। रमेश ने उसे लखनऊ के बंथरा स्थित एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। दो दिन के इलाज में करीब बीस हजार रुपया जमा किए।
शनिवार को दिन में रमेश नर्सिंगहोम गया था। रात करीब दस बजे वहां से लौटा। खाना खाने के बाद रात करीब 12 बजे खेत में सब्जी की फसल की रखवाली करने चला गया। रविवार सुबह देर तक घर न लौटने पर बेटा आदर्श पिता को देखने खेत पर गया। पिता का शव खेत में स्थित आम के पेड़ से फंदे से लटका मिला। पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुनीता के मुताबिक पति, भाई के इलाज के लिए रुपयों का इंतजाम न हो पाने से परेशान थे। मृतक के दो बेटे हैं। इनमें आदर्श (17) और आदित्य 13 साल का है। रमेश तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। पिता के पास दस बिस्वा जमीन है। इसी में सब्जी की फसल बो कर संयुक्त परिवार गुजरा करता है। थानाध्यक्ष राजकुमार सरोज ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है।