कानपुर। प्रयागराज में प्रस्तावित माघ मेला के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने चेतावनी दी है कि स्वच्छता, सीवेज प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोमवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में टेनरी संचालकों के साथ बैठक कर बंदी की 31 दिसंबर से 15 फरवरी तक तारीखें तय कर दी हैं। टेनरियों की जांच के लिए आठ टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें बंदी से एक दिन पहले रात 12 से 2 बजे तक निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण आख्या प्रदूषण नियंत्रण विभाग को सौंपी जाएगी।
डीएम ने अपर नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि सभी अनटैप्ड नालों में चल रहे बायोरेमिडिएशन और फाइटोरेमिडिएशन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। अनटैप्ड का मतलब है वह नालियां जिनका गंदा पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) तक पहुंचने के बजाय सीधे नदी में गिर रहा है। साथ ही टेनरी पंपिंग स्टेशन, कॉमन सीवेज पंपिंग स्टेशन (सीएसपीएस) और सभी संचालित एसटीपी में लगे स्लज गेट (बायपास गेट) की भौतिक जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। डीएम ने घाटों पर कूड़ा फेंकने पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा। गार्बेज डिस्पोजल सिस्टम प्रभावी करने और सफाई कर्मियों की तैनाती करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि शासन और एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन करने वाली किसी भी टेनरी, उद्योग या संस्था के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। साथ ही जिस क्षेत्र में गड़बड़ी मिलेगी वहां की निरीक्षण टीम की जवाबदेही भी तय की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन, अपर नगर आयुक्त मो. अवेश खान, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
जल निगम शहरी को निर्देश दिए गए हैं कि माघ मेला से पूर्व सभी स्लज गेट आवश्यकतानुसार बंद या सील किए जाएं। इनकी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनकी नियमित समीक्षा की जाए, ताकि सीवेज का एक बूंद भी नदी में न जाए।
लेदर इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद अर्शी के अनुसार, जिलाधिकारी को बताया गया कि माघ महीने के दौरान दो साल से सूखा काम करने वाले कारखानों यानी कि जहां पर जूूता, बेल्ट, पर्स, बैग और तैयार चमड़ा वाले कारखानों को भी बंद करा दिया जाता है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि जहां पर सूखा काम होता है वहां के संचालक इस संबंध में बोर्ड लगाएंगे। इसमें लिखेंगे कि इकाई में केवल सूखा काम होता है। बोर्ड में संबंधित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी का मोबाइल नंबर भी लिखा जाएगा ताकि कोई भी उनसे ये जानकारी कर लें कि संबंधित इकाई या कारखाना खोला जाना है या नहीं। इससे पुलिस का कोई भी हस्तक्षेप नहीं होगा। जनरल सेक्रेटरी ने बताया कि इस व्यवस्था से जूूता, बेल्ट, पर्स, बैग और तैयार चमड़ा बनाने वाले कारोबारियों को राहत मिलेगी।
माघ मेला के दौरान बंदी का रोस्टर जारी
पौष पूर्णिमा : 31 दिसंबर 2025 से 3 जनवरी 2026
मकर संक्रांति : 12 से 15 जनवरी 2026
मौनी अमावस्या : 15 से 18 जनवरी 2026
बसंत पंचमी : 20 से 23 जनवरी 2026
माघी पूर्णिमा : 29 जनवरी से 1 फरवरी 2026
महाशिवरात्रि: 12 से 15 फरवरी 2026
हर पर्व पर चार-चार दिनों की पूर्ण बंदी रहेगी।