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यूपीसीए सचिव पर आठ ने दर्ज कराया मुकदमा

Wed, 21 Oct 2015 02:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
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भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 11 अक्तूबर को ग्रीनपार्क में हुए किक्रेट मैच के टिकट खरीदने के बावजूद स्टेडियम में एंट्री न दिए जाने के कारण मैच देखने से वंचित रहे आठ लोगों ने यूपीसीए सचिव के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में मुकदमा दाखिल किया है। इस समय यूपीसीए सचिव राजीव शुक्ला हैं।
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इन लोगों ने फोरम से टिकट के पैसे वापसी और क्षति पूर्ति के पांच-पांच हजार रुपये दिलाने को कहा है। दिल्ली से मैच देखने आए एक युवक ने आने-जाने का किराया, होटल में रुकने और खाने का भी पैसा मांगा है। उपभोक्ता फोरम ने यूपीसीए सचिव को नोटिस जारी किया है। अब इस मामले की सुनवाई चार दिसंबर को होगी।

टिकट खरीदकर मैच देखने गए सैकड़ों लोगों को लठिया कर भगाए जाने का मामला ‘अमर उजाला’ ने उठाया था। इस पर बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अनूप द्विवेदी ने मैच देखने से वंचित लोगों का मुकदमा मुफ्त लड़ने का एलान किया था।
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मंगलवार को बाबाघाट निवासी रवींद्र कुमार (सी स्टाल की 750 रुपये के दो टिकट), परवामीर निवासी प्रेम नारायण दीक्षित (सी बालकनी के एक हजार रुपये के दो टिकट), किदवई नगर निवासी सुरेंद्र पाल सिंह (एक हजार रुपये का एक टिकट), ट्विन टॉवर गुरुदेव पैलेस निवासी अनुज अग्रवाल (सी बालकनी की एक हजार के दो टिकट), तुलसीनगर काकादेव निवासी कुलदीप नारायण श्रीवास्तव (सी बालकनी की एक हजार रुपये की टिकट), कल्याणपुर निवासी वर्तमान में दिल्ली में नौकरी करने वाले आशुतोष चौहान (750 रुपये का टिकट), लक्ष्मीरतन कॉटन मिल फजलगंज निवासी विजय सिंह भदौरिया (750 रुपये वाले चार टिकट) और बर्रा तीन निवासी शिव कुमार मिश्रा (सौ रुपये का एक टिकट) ने मुकदमा दाखिल किया है।

इन सभी ने टिकट के पैसे वापसी और पांच-पांच हजार रुपये हर्जाने की मांग की है। आशुतोष सिंह ने दिल्ली से कानपुर आने-जाने का टिकट दाखिल करते हुए तीन हजार रुपये किराया और दो हजार रुपये होटल में ठहरने व खाने का भी मांगा है। अधिवक्ता अनूप द्विवेदी ने फोरम को बताया कि यूपीसीए ने सेवा में कमी और लापरवाही करते हुए ग्राउंड में एंट्री नहीं दी। इन लोगों ने मैच देखने के लिए पैसे अदा किए थे इसलिए यह लोग यूपीसीए के उपभोक्ता हैं। टिकट खरीदते ही वादी और विपक्षी के बीच मैच दिखाने का अनुबंध हो गया। इसलिए यूपीसीए उन्हें मैच दिखाने के लिए बाध्य था। मैच में एंट्री न दिए जाने के कारण इन लोगों को टिकट के पैसे दिलाते हुए क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।
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