कानपुर देहात में बरौर की मड़ैया गांव में दवाएं देते चिकित्सक। संवाद
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कानपुर देहात/मुंगीसापुर। जिले में डेंगू व बुखार से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को मुंगीसापुर कस्बा निवासी आठ माह की मासूम की डेंगू जैसे लक्षणों से मौत हो गई। स्वास्थ्य टीम ने कस्बे में दवा का छिड़काव किया। जिले मेें डेंगू व बुखार से अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है।
मुंगीसापुर कस्बा निवासी फैक्टरी कर्मी जसवंत सचान की आठ माह की पुत्री को बीते आठ मई बुखार आया। पिता ने उसे अकबरपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। शुक्रवार सुबह मासूम की हालत ज्यादा बिगड़ गई और उपचार के दौरान मौत हो गई।
जानकारी पर पिता, मां अंजू सचान का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पिता ने बताया कि अस्पताल कर्मियों ने किट से हुई जांच में बेटी को डेंगू होने की जानकारी दी थी। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी मारुती दीक्षित व सहायक देवेश दीक्षित ने कस्बे के घरों में दवा का छिड़काव कराया और घर के पात्रों में जमा पानी को हटवाया।
उन्होंने लोगों को मच्छरों का लार्वा ना पनपने देने की हिदायत दी। इस दौरान डॉ. शिशिर श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह, भानु प्रताप, ऋषि कपूर मौजूद रहे। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि आठ माह की मासूम की डेंगू से मौत होना संदिग्ध लग रहा है। फिर भी टीम को भेजकर पड़ताल कराई जाएगी।
बरौर की मड़ैया गांव में स्वास्थ्य टीम ने बांटी दवाएं
पुखरायां। मलासा ब्लॉक के बरौर की मडै़या गांव में शुक्रवार को स्वास्थ्य टीम ने पहुंच कर मरीजों का उपचार किया व दवाएं दीं। आठ मरीजों के खून का सैंपल भी लिया। वहीं लोगों के घरों में रखे बर्तनों में भरे पानी को भी हटवाया। अमरौधा के असुवापुर गांव निवासी बालक को बुखार आने गंभीर हालत में पुखरायां सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया।