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ठगी का जाल: 'तुम गंदे वीडियो देखती हो, अब जेल जाओगी' बोलकर महिलाओं को शिकार बनाता था गिरोह, ऐसे पकड़े गए 8 लोग

Fri, 22 May 2026 02:00 AM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: सीबीआई, क्राइम ब्रांच अधिकारी बन 23 से अधिक लोगों से ठगी करने वाले आठ आरोपी हत्थे चढ़े। कई जिले की महिलाओं और युवतियों को निशाना बनाया। 
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तुम गंदे वीडियो देखती हो...तुम्हारे मोबाइल की जांच में बहुत सारे लिंक मिले हैं...तुमको पकड़ने के लिए टीम भेज रहे हैं। अब जेल जाओगी। क्राइम ब्रांच से बोल रहे हैं। तुम्हारी करतूत घरवाले, रिश्तेदार और मोहल्ले वालों को पता चलेगी...कुछ इस तरह की धमकी देकर युवतियों, महिलाओं और छात्राओं से ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। इन्होंने 23 से अधिक लोगों को शिकार बनाया है। पश्चिम जोन की साइबर सेल ने गुरुवार को गिरोह में शामिल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से कई दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर साइबर अपराधियों के सक्रिय होने का हॉट स्पॉट मिल रहा था। पश्चिम जोन की साइबर सेल और सचेंडी पुलिस को निर्देशित किया गया। एनसीआरपी ने कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी दी थी जिसकी जांच कर गिरोह में शामिल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी किया है। उनके पास से पांच मोबाइल फोन, चेक व पास बुक, डेबिट कार्ड व अन्य दस्तावेज मिले हैं।

70 फीसद पीड़ित महिलाएं और युवतियां हैं
पश्चिम जोन के साइबर सेल प्रभारी शुभम यादव के मुताबिक आरोपियों ने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान के 23 से अधिक लोगों से ठगी की है। इनमें 70 फीसद के आसपास पीड़ित महिलाएं और युवतियां हैं। एनसीआरपी से 14 शिकायतों की जानकारी मिली है। इनमें अजमेर, नीमच, बरेली, मुज्जफरनगर, फिरोजाबाद, सिद्धार्थनगर, बिजनौर, कानपुर, गाजियाबाद, मिर्जापुर, बलिया, लखनऊ, टेहरी गढ़वाल, मुरादाबाद के पीड़ित शामिल हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश के पीड़ितों से गिरोह ने ढाई से साढे़ तीन लाख रुपये वसूले हैं।

 

कीपैड मोबाइल से करते थे कॉल
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह में शामिल आरोपी में दसवीं तक पढ़े हुए हैं। कुछ ने 12वीं तक पढ़ाई करने की बात कही है लेकिन कोई प्रमाणित दस्तावेज नहीं मिले हैं। ज्यादातर पांचवीं और सातवीं फेल हैं। यह सीबीआई, क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर कीपैड मोबाइल से कॉल करते थे। अंग्रेजी बोलने या सवाल जवाब करते ही कॉल काट देते थे। महिलाओं और अन्य पीड़ितों को डराने के लिए एंड्राइड मोबाइल से पुलिस सायरन की आवाज निकालते थे।

 
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आरोपियों को भेजा जेल
सचेंडी इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि आरोपियों को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेजा गया है। इनमें सचेंडी के गोरेलाल, रामजी, सर्वेश सिंह, अवधेश सिंह, अभिषेक सविता, रामप्रकाश, रिंकू और कानपुर देहात का अभिषेक सिंह शामिल है। गोरेलाल और रामजी मास्टरमाइंड हैं।
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