वैवाहिक जीवन सुखमय होने के साथ ही पति-पत्नी में सामंजस्य भी बना रहेगा
भगवान विष्णु के जागने और सालिगराम-तुलसी विवाह के बाद मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत 16 नवंबर अगहन कृष्ण पक्ष द्वितीया से होगी। हालांकि कई के घरों में गुरुवार से ही मंडप के कार्य शुरू हो गए। इस बार पूरी सहालग में सिर्फ आठ मुहूर्त सबसे शुभ माने जा रहे हैं।
कन्नौज में भले ही रोजाना बैंड-बाजों की धूम हो लेकिन 16 नवंबर अगहन कृष्ण पक्ष द्वितीया से शुरू होने वाली सहालग 13 दिसंबर अगहन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तक रहेगी। इस सहालग में सिर्फ आठ लग्न ही सबसे शुभ माने जा रहे हैं। यह लग्न नवंबर माह में 16, 21, 23 और 24 तारीख को हैं। दिसंबर में एक तारीख से तीन तक भी खास लग्न हैं। सहालग का अंतिम लग्न 13 दिसंबर पूर्णिमा को है। पंडित बनारसी दास शास्त्री ने बताया कि यह मुहूर्त खास हैं। इन लग्नों में ब्याह रचाने वालों का दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। जीवन में हमेशा धन वृद्धि बनी रहेगी। वैवाहिक जीवन सुखमय होने के साथ ही पति-पत्नी में सामंजस्य भी बना रहेगा। संतान प्राप्ति का भी सुंदर योग बन रहा है।