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नैक में कट ही गई यूनिवर्सिटी की नाक

Thu, 07 May 2015 02:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी का शैक्षिक और शोध की गुणवत्ता का स्तर कुछ डिग्री कॉलेजों से भी कमतर है। हाल ही यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के स्वायत्त संस्थान राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की ग्रेडिंग से ऐसा लगता है।
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नौ साल बाद हुई ग्रेडिंग में यूनिवर्सिटी को 2.30 क्यूमलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज (सीजीपीए) और बी-ग्रेड दिया गया है। जबकि सेल्फ फाइनेंस की श्रेणी में शामिल बंशी कॉलेज बिठूर को ए ग्रेड मिल चुका है। वीएसएसडी पीजी कॉलेज और कानपुर विद्या मंदिर गर्ल्स पीजी कॉलेज को भी नैक ने ए ग्रेड दिया है।

यानी इन डिग्री कॉलेजों का स्तर यूनिवर्सिटी पर भारी है, जबकि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की ग्रेडिंग के मानक एक जैसे होते हैं। इस बार के ग्रेड, पिछली बार से भी खराब हैं। 1000-1000 मार्क्स पर ग्रेड प्वाइंट दिए जाते हैं।
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कानपुर यूनिवर्सिटी की शैक्षिक, शोध, टीचिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, कैंपस सेलेक्शन और स्पोर्ट्स एक्टिविटी की गुणवत्ता परखने के लिए नैक ग्रेडिंग कराई गई। इसके लिए नैक की 12 सदस्यीय टीम 24 से 27 मार्च तक कानपुर में रही। एक्सपर्ट यूनिवर्सिटी कैंपस के अलग-अलग विभागों में गए।

स्टूडेंट, टीचर से बात की और लैब, क्लास रूम, कामन रूम सहित तमाम सुविधा और संसाधनों के मानक देखे। इससे पता चला कि पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में बोर्ड ऑफ स्टडीज का गठन ही नहीं हुआ है। 10 साल से पढ़ाई कराई जा रही है, फिर भी कोर्स कैरिकुलम नहीं बदला है।

यूनिवर्सिटी कैंपस के स्टूडेंट का ओवरऑल प्लेसमेंट 15 फीसदी के आसपास है। टीचिंग स्टाफ के वेतनमान और नियुक्ति प्रक्रिया में भी खामी मिली। यूनिवर्सिटी के सूत्रों ने बताया कि नैक ग्रेडिंग को लेकर एक मई को स्टैंडिंग कमेटी की छठवीं मीटिंग हुई। इसमें चर्चा के बाद ही सीएसजेएम यूनिवर्सिटी को बी-ग्रेड देने का फैसला लिया गया।

इसकी आधिकारिक सूचना नैक की वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दी गई है। बताते चलें यूनिवर्सिटी की नैक ग्रेडिंग इसके पहले 21 मई 2006 को हुई थी। इसमें बी++ ग्रेड मिला था। यह ग्रेड अच्छा माना जाता है। इस बार सिर्फ बी ग्रेड मिला है। हालांकि ग्रेडिंग में प्लस की व्यवस्था खत्म हो गई है। अब ए, बी, सी और डी ग्रेड दिए जाने का प्रावधान है।

जो कमियां हैं, उसे दूर किया जाएगा। शिक्षा, शोध की गुणवत्ता बेहतर की जाएगी। शिक्षकों की समस्याओं का समाधान भी होगा। वर्ष 2020 के बाद जो ग्रेडिंग होगी, उसमें यूनिवर्सिटी का परफारमेंस अच्छा रहेगा। देश की ज्यादातर यूनिवर्सिटियों को इस बार बी- ग्रेड मिले हैं।
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- प्रो. जेवी वैशंपायन, कुलपति, कानपुर यूनिवर्सिटी
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