भूकंप के झटके लगने के बाद अचानक मुख्यमंत्री दफ्तर से फोन पर जिलाधिकारी और अन्य अफसरों को फील्ड में निकलकर स्थिति परखने को कहा गया। इसके बाद एडीएम सिटी अविनाश सिंह और एडीएम फाइनेंस शत्रुघ्न सिंह समेत सभी मजिस्ट्रेट फील्ड पर निकल पड़े।
भूकंप से अनहोनी की आशंका पर घर छोड़कर पार्कों में शरण लिए लोगों के लिए पानी का बंदोबस्त कराया। पुलिस फोर्स भी लगवाई गई। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स, शॉपिंग मॉल और टाकीजों का भी निरीक्षण किया। घनी बस्तियों और मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स के लोगों ने फूलबाग, नानाराव पार्क और मोतीझील के पार्कों में डेरा जमा लिया था।
मोतीझील में कारगिल पार्क, तुलसी उपवन और बाल उद्यान के सभी गेट खोल दिए गए थे। इन पार्कों में आने वाले लोगों का रोज की तरह लगने वाला शुल्क न लेने को कहा गया था। जानकारी पर एडीएम सिटी इन पार्कों में पहुंचे। उन्होंने नगर निगम में बात कर पार्कों में पानी के टैंकरों की व्यवस्था कराई।
संबंधित थानों की फोर्स भी सुरक्षा के मद्देनजर लगवाई गई। एडीएम फाइनेंस स्वरूप नगर और आर्य नगर इलाकों में कई मल्टी स्टोरी बिल्डिंग्स में रहने वाले लोगों से मिले। स्कूल-कालेज पहुंचकर बच्चों को सकुशल घरों तक पहुंचाने को कहा। सिटी मजिस्ट्रेट आशुतोष अग्निहोत्री और सभी एसीएम भी अपने क्षेत्रों में निरीक्षण पर निकलें।