कानपुर देहात। प्रतिबंध के बावजूद हाईवे पर न ई-रिक्शा व ई-कार्ट का संचालन हो रहा। इतना ही नहीं बेरोकटोक कई नाबालिग भी क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर और माल लेकर फर्राटा भर रहे हैं। जिम्मेदारों ने खामोशी की चादर ओढ़ रखी है। इन वाहनों से हादसों का डर बना रहता है।
जिले के परिवहन विभाग में 2215 ई-रिक्शा व 343 ई-कार्ट पंजीकृत हैं लेकिन नगर व अन्य स्थानों पर इससे 10 गुना अधिक ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ लगाते नजर आते हैं। सबसे बड़ी बात इनके चालक सवारियों की बैठाकर हाईवे पर चलते नजर आ जाते हैं जो कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
इनके चालकों को न चालान का डर रहता है और न ही सवारियों की चिंता होती है। जिम्मेदार भी इन सबसे अनजान बने रहते हैं। शायद इन्हें किसी हादसे के होने का इंतजार है।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शुक्रवार को पड़ताल की तो कानपुर-आगरा व कानपुर-झांसी हाईवे पर जगह-जगह ई-रिक्शा चलते नजर आए। जबकि इन मार्गों पर भारी वाहन तेज रफ्तार में निकल रहे थे, जिसकी चपेट में आने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।