कानपुर। रुक-रुक कर हो रही बारिश की वजह से सोमवार को गोविंदनगर, पनकी, रविदासपुरम सहित 50 से ज्यादा मोहल्लों में जलभराव हो गया। टूटी सड़कें और गड्ढों की वजह से लोगों को आने-जाने में दिक्कतें हुईं। नगर निगम और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की लापरवाही से कई मोहल्लों में देर रात तक पानी भरा रहा।
नगर निगम की तरफ से नालों, नालियों की सफाई में लापरवाही की वजह से किदवईनगर, राजीव विहार, मछरिया, बाबूपुरवा, उस्मानपुर, निरालानगर, साकेतनगर, सहदुल्लापुर, सनिगवां, पनकी, कल्याणपुर, गूबा गार्डन सहित कई मोहल्लों में बारिश होते ही जलभराव होने लगता है। इसके बावजूद नगर निगम ने पुन: सफाई नहीं कराई। अशोकनगर, 80 फीट रोड, ब्रह्मनगर, पीरोड, रामकृष्णनगर सहित कई मोहल्लों में गली पिटों की सफाई के नाम पर भी खानापूरी हुई है। इसी वजह से इन मोहल्लों में तेज बारिश होते ही जलभराव होने लगता है। सर्वोदयनगर मॉडल रोड में 90 डिग्री पर बना नाला ठीक न कराना जलभराव की वजह बना है।
मेट्रो की मनमानी, आठ वार्डों में भर रहा गंदा पानी
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की लापरवाही से गोविंदनगर, परमपुरवा सहित आठ वार्डों में गंदा पानी भर रहा है। दरअसल, मेट्रो के लापरवाह ठेकेदार ने जूही-हमीरपुर रोड में मानकों को ताक पर रखकर गहरी सीवर लाइन और जूही गढ़ा में चैंबर बनाया था, जो तीन महीने पहले धंस गया। क्षेत्रीय पार्षद शालू कनौजिया के धरना, प्रदर्शन करने के बाद मेट्रो के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद मीणा ने 15 दिन में इसे ठीक कराने का दावा किया था, पर अभी तक मरम्मत नहीं हुई। इसी चैंबर और वहां बिछी गहरी सीवर लाइन के माध्यम से क्षेत्रीय वार्ड के साथ ही परमपुरवा, गोविंदनगर उत्तरी, दक्षिणी, हरिजन बस्ती, निरालानगर सहित आठ वार्डों के नाले-नालियों का पानी निकलता था। चैंबर की मरम्मत न होने के कारण सोमवार को नंदलाल चौराहा, गोविंदनगर 13 ब्लाक, परमपुरवा में जलभराव हुआ।