भर्ती प्रसूता, जिला अस्पताल से मृत नवजात को ले जाते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सरकार स्वास्थ्य विभाग में सुविधाओं को बढ़वा दे रही है। ताकि मरीजों को भटकना न पड़े। लेकिन चित्रकूट जिले की स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही तीन केंद्रों पर देखने को मिली। तीनों केस में प्रसूताओं के नवजात की समय से इलाज न मिलने से मौत हो गई। परिजनों ने संबंधित अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीएमओ ने पूछताछ कर कार्रवाई कराने की बात कही है।
केस नंबर-1- भिटारी थाना क्षेत्र मऊ निवासी पूजा देवी के पति नर्वदा प्रसाद ने बताया कि उसकी पत्नी इन दिनों मायका सपहा गांव मेें थी। शुक्रवार की शाम को तेज दर्द होने पर उसे मानिकपुर अस्पताल लाया गया। जहां बिना भर्ती किए बाहर से ही लौटा दिया गया। परिजन उसे मुख्यालय लाने के लिए वाहन का इंतजार करते रहे। एंबुलेंस भी नहीं मिली। दो घंटे तक गर्भवती वही गेट के बाहर बैठी रही रात को उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां बच्चा जनते ही नवजात की मौत हो गई। उसने आरोप लगाया कि समय से यदि उसे मानिकपुर में भर्ती कर प्रसव कराया जाता तो उसके नवजात की जान बच सकती थी।