शादी बाराताें में आतिशबाजी की धूम हाेती है। दूल्हा पीछे चलता है अाैर उसका स्वागत करने के लिये आतिशबाजी से पूरा अासमान रंगीन कर दिया जाता है। अाप अगर अपनी बारात के दाैरान एेसा कुछ करने की साेच रहे हैं ताे ये खबर अाप के लिये है। अब शहर के अंदर आतिशबाजी करने पर जुर्माने के साथ सजा भी मिलेगी।
कानपुर के जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने शहरवासियाें के लिये एक नया फरमान जारी किया है। इसके तहत जिले में आतिशबाजी करने और कूड़ा जलाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। बढ़ते प्रदूषण स्तर काे देखते हुये यह कार्रवाई हुई है। शादी हाे या बारात अगर कोई आतिशबाजी करते हुये या कूड़ा जलाते मिला तो उसे एक माह तक कैद और जुर्माने की सजा होगी।
नए साल के जश्न में भी आप आतिशबाजी नहीं कर पायेंगे। पिछले दो माह से कानपुर में वायु प्रदूषण का स्तर अति गंभीर श्रेणी तक पहुंच चुका है। इसका मुख्य कारण उद्योगों से निकलने वाला धुआं, वाहनों का धुआं, कूड़ा जलाने से होने वाला धुआं अाैर बाराताें के दाैरान हाेने वाली अंधाधुंध अातिशबाजी है। ये स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।
हवा न चलने और बरसात न होने के कारण प्रदूषित कण हवा में तैरते रहते हैं। आतिशबाजी के कारण सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड गैस निकलती है। यह शरीर में जाकर सल्फ्यूरिक एसिड/ नाइट्रिक एसिड बनाती हैं। यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।
क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिलाधिकारी को जिले की वायु में प्रदूषित कण बढ़ने की रिपोर्ट दी है। इसलिए जिलाधिकारी ने धारा 144 में मिली शक्तियों के तहत जिले की सीमा में तत्काल रूप से किसी भी प्रकार की आतिशबाजी पर रोक लगा दी है। जिले की सीमा में कोई भी व्यक्ति या संस्था किसी भी स्थान पर कूड़ा नहीं जलाएगी।
वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण पाने की कार्य योजना के तहत मिट्टी खुदाई और ढुलाई के समय धूल न उड़ पाने के बंदोबस्त करने होंगे। जिलाधिकारी ने कहा है कि आतिशबाजी और कूड़ा जलाने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्यवाही होगी। इसमें एक माह तक की जेल और जुर्माना है।