राजपुर। नगर स्थित पीएचसी में रविवार को स्वास्थ्य सेवाओं की पोल तब खुल गई जब पुलिस जैसलपुर में हुई मारपीट में घायल 13 लोगों को मेडिकल के लिए पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद भी एमबीबीएस चिकित्सक नहीं पहुंचे। घायलों की हालत बिगड़ती देख पुलिस घायलों को वहां से सिकंदरा सीएचसी ले गई। वहां उनका उपचार किया गया।
राजपुर ब्लॉक की सलेमपुर सीएचसी में आकस्मिक सेवाएं संचालित नहीं होती हैं। लोगों को आकस्मिक सेवाओं के लिए परेशान होने से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से राजपुर पीएचसी पर आकस्मिक सेवा की व्यवस्था की गई है। रविवार को पीएचसी में आरोग्य मेला का संचालन किया गया। इसमें ट्रेनी एमबीबीएस डॉ. हरदीप, डॉ. मनोज, आयुष चिकित्सक डॉ. आशीष मिश्रा व आयुष फार्मासिस्ट भोलेंद्र सिंह मौजूद थे। दोपहर करीब 11:30 बजे के करीब राजपुर थानाध्यक्ष कालीचरन कुशवाहा जैसलपुर में हुए विवाद में 13 घायलों को मेडिकल के लिए राजपुर पीएचसी लेकर पहुंचे।
वहां एसबीबीएस चिकित्सक न होने की वजह से मरीजों का मेडिकल न हो पाने की वजह से उपचार शुरू नहीं किया गया। समय के साथ इलाज में देरी होने से हालत बिगड़ने पर मरीज पीएचसी परिसर में ही जमीन पर लेट गए। मरीजों की परेशानी बढ़ती देख पुलिस एक बजे के करीब मरीजों को राजपुर पीएचसी से सिकंदरा सीएचसी ले गई।
वहां डॉक्टरों ने मेडिकल के साथ घायलों का उपचार किया। वहां डॉक्टर ने सात लोगों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया है। सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि जिले में एमबीबीएस चिकित्सकों की कमी है। इसके चलते राजपुर पीएचसी पर महज एक एमबीबीएस चिकित्सक तैनात है। इससे घायलों का मेडिकल करवाने में परेशानी हुई। जानकारी होने पर तुरंत घायलों को सिकंदरा सीएचसी भिजवाकर मेडिकल करवाया गया है।