सीपीसी माल गोदाम को गोदाम न समझें। यह केवल साइडिंग है। व्यापारी माल को यहां से तुरंत हटवाएं। माल की सुरक्षा करना व्यापारियों की ही जिम्मेदारी है न कि रेलवे की।
उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद मंडल के डीआरएम वीके त्रिपाठी के इस ‘कटुवचन’ पर व्यापारी भड़क गए और उनको घेर लिया। माहौल गरमाता देख आरपीएफ ने डीआरएम को घेरे में लिया। जाते-जाते डीआरएम ने व्यापारियों की समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
गुरुवार को डीआरएम निरीक्षण के लिए सीपीसी माल गोदाम पहुंचे। यहां व्यापारियों ने माल गोदाम की दुर्दशा दिखाई। कहा कि शेड खाली होने के बाद भी दाल, सीमेंट और मटर की बोरियां खुले में डाल दी जाती हैं। बारिश में उनका लाखों का माल बर्बाद हो गया। जवाब में डीआरएम से अपने माल की सुरक्षा खुद करें सुनकर व्यापारी भड़क गए।
कहा कि व्यापारी रेलवे को हर साल 50 करोड़ रुपये किराया देते हैं। 12 घंटे में माल न उठने पर जुर्माना भी देते हैं। इसके बाद भी नुकसान झेलना पड़ता है।
इस दौरान लोकल ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष शकील अहमद, महामंत्री अब्दुल वहीद, फिरदौस अजहर, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री विनोद गुप्ता, संत मिश्रा, सपा व्यापार सभा के महामंत्री अब्दुल हनीफ आदि मौजूद रहे।
डीआरएम सुबह करीब नौ बजे लिच्छवी एक्सप्रेस में लगे विशेष सैलून से सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचे थे। सबवे निरीक्षण के दौरान उन्होंने लटके बोर्ड देखकर नाराजगी जताई।
सिटी साइड सरकुलेटिंग एरिया में बाथरूम करते एक यात्री से जुर्माना वसूला। उनके साथ सीटीएम डॉ. जितेंद्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक आरपीएन त्रिवेदी, सीआईटी दिवाकर तिवारी, सहायक आयुक्त आरपीएफ शकील खान समेत तमाम अफसर शामिल रहे।