सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी की सख्ती के बावजूद गुरुवार को पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने गंगा किनारे वाजिदपुर में अवैध ग्लू भट्ठियां, टंकियां तोड़ने के नाम पर खानापूरी की। प्योंदी में दस्ता गया ही नहीं।
एनओसी के लिए आवेदन का हवाला देकर वे अपनी गर्दन बचाते रहे, जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उन्हें एनओसी देना तो दूर आवेदन ही निरस्त करने की बात कह रहा है। ग्लू भट्ठी संचालक अंडरग्राउंड हो गए हैं।
‘अमर उजाला’ ने वाजिदपुर (जाजमऊ) और उसके बगल के प्योंदी गांव में अवैध रूप से ग्लू भट्ठियां धधकने का मामला उठाया। चकेरी पुलिस ने एक दिन कुछ भट्ठियां तोड़कर खानापूरी की।
बाद में डीएम ने एसीएम-2 भानु प्रताप शुक्ल को कार्रवाई के निर्देश दिए। गुरुवार को एसीएम-2, चकेरी पुलिस, नगर निगम, केडीए प्रवर्तन दस्ता और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ वाजिदपुर डबल पुलिया के पास दो टंकियां खुलवाकर देखीं। उनमें कच्चा चमड़ा मिला।
उसी बीच वहां 30-40 लोग पहुंचे। उनका कहना था कि ग्लू भट्ठियां अब नहीं हैं। मौके पर जो टंकियां लगी हैं, उनमें चमड़े से जैविक खाद तैयार की जाती है। इस कार्य की एनओसी के लिए उन्होंने प्रदूषण बोर्ड में आवेदन किया है।
यह सुनने के बाद एसीएम ने लेखपाल को गंगा से वहां तक जमीन की पैमाइश के निर्देश देकर अभियान समाप्त कर दिया। इस दौरान नगर निगम जोन-2 के प्रभारी मुनीश निगम, केडीए के जेई सुखवीर सिंह, चौकी इंचार्ज इंद्रजीत शामिल रहे।
प्रमुख सचिव को ग्लू फैक्ट्री मामले में कार्रवाई के निर्देश
कानपुर। विधानसभा के समिति कक्ष में गुरुवार को आयोजित आश्वासन समिति की बैठक में प्रमुख सचिव (पर्यावरण) को ग्लू फैक्ट्री मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अगली बैठक में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
आश्वासन समिति के चेयरमैन सतीश महाना ने स्थानीय निकाय विभाग के साथ बैठक शुरू होते ही 14 जनवरी को बाजिदपुर और प्योंदी में गंगा किनारे धधक रही ग्लू फैक्ट्रियों के मामले में कार्रवाई के बारे में पूछा, जिसमें उन्होंने दोषियों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए कहा था।
स्थानीय निकाय निदेशक ने कहा कि ग्लू फैक्ट्रियों के मामले में कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को करनी है। इस पर चेयरमैन ने निर्देश दिए कि ग्लू भट्ठियों के मामले में प्रमुख सचिव (पर्यावरण) को कार्रवाई के लिए लिखा जाए, यह भी निर्देश दिए कि अगली बैठक में वे कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
संतोषजनक कार्रवाई न होने पर एफआईआर भी कराई जा सकती है। बैठक में नगर आयुक्त देवेंद्र सिंह कुशवाहा, मुख्य अभियंता एमके सिंह आदि शामिल रहे। बैठक के बाद समिति के चेयरमैन ने बताया कि नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव एसपी सिंह की अचानक तबियत खराब होने की वजह से ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।