हमीरपुर जिले में स्थानीय रोडवेज डिपो में शुक्रवार दोपहर संविदा चालकों व परिचालकों ने परिसर में एआरएम की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। मारपीट में कुछ कर्मियों की पत्नियां भी उनके साथ रहीं। सूचना पर पहुंची महिला एसआई ने एआरएम को आरोपियों के चुंगल से छुड़ाया। एआरएम की तहरीर पर आठ चालकों व परिचालकों और छह अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने तीन को गिरफ्तार किया है।
एआरएम सुहेल अहमद ने पुलिस को बताया शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे वह कुंभ मेला जाने वाली बसों के संचालन की व्यवस्था को देख रहे थे। तभी पहले से खुन्नस खाए चालक गयाशुद्दीन अपनी पत्नी नफीसा के साथ उनके पास आए और पकड़कर पीटने लगे। इस पर वह डिपो कार्यालय की ओर भागे तो संविदा परिचालक सुरेंद्र सिंह, उरई डिपो में तैनात संविदा चालक शमीउर्ररहमान, राठ डिपो का चालक धीरज गुप्ता उसकी पत्नी परिचालक तृप्ति गुप्ता, चालक गौरव त्रिपाठी, चालक अमित सिंह ने पकड़ लिया और लाठी-डंडों से पीटने लगे। इसी बीच सूचना पाकर कोतवाली से महिला एसआई संगीता यादव पहुंची। उन्होंने एआरएम को बचाया। इसके बाद कोतवाल एके सिंह पहुंचे।
भ्रष्टाचार की जंग लड़ रहे एआरएम
पिटाई कर रहे कई आरोपी भाग निकले, मगर मौके से पुलिस ने तीन को पकड़ लिया। कोतवाल ने बताया घायल एआरएम का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया है। एआरएम की तहरीर पर आठ संविदा चालकों, परिचालकों व नफीसा को नामजद कर करीब छह अन्य के खिलाफ मारपीट कर जानमाल की धमकी देने, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व 7 क्रिमिनल लॉ एमेनमेंट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। तीन आरोपी सुरेंद्र प्रताप सिंह, धीरज गुप्ता व गयाशुद्दीन को गिरफ्तार किया है।
एआरएम ने बताया 28 मई 2018 को डिपो का कार्यभार ग्रहण किया था। तब कर्मचारी कार्यालय की सीटों पर समय से नहीं बैठ रहे थे। उन्होंने कर्मियों पर अंकुश लगाने के साथ चोरी पर भी लगाम कसी। जिसका असर डिपो पर दिखाई देने लगा। घाटे में चल रही डिपो के राजस्व में बढ़ोत्तरी हुई। किराये के नाम पर हो रही चोरी पर चालकों व परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की तो कर्मी उनके खिलाफ लामबंद होने लगे।
महिला परिचालक तृप्ति के बारे में कहा...
उन्होंने कहा कि जितने लोगों ने मारपीट की है वह सब किसी न मामले में फंसे हैं। उनके खिलाफ जांच चल रही है। महिला परिचालक तृप्ति के बारे में कहा कि वह उसके खिलाफ अक्सर झूठी शिकायतें करती हैं। चालक गयाशुद्दीन के खिलाफ हमले की शिकायत दो सप्ताह पूर्व कोतवाली में की हैं। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
डिपो के ज्यादातर कर्मचारी नाखुश
एआरएम से डिपो के ज्यादातर कर्मचारी नाखुश हैं। चालक व परिचालक मानक से कम किराया जमा करते हैं तो उनके वेतन से कटौती की जाती है। एआरएम की इस कार्यशैली से कर्मचारी नाराज रहते हैं। दो दिन पूर्व भी रोडवेज कर्मियों ने महिला आयोग के सदस्य से एआरएम की शिकायत की थी। जाम लगाकर विरोध भी जताया था।