यमुना की जलधारा में दिख रही रेत
घाटमपुर। तहसील क्षेत्र के दक्षिणी छोर पर बहने वाली यमुना नदी की जलधारा लगातार सिमटती जा रही है। कानपुर देहात की सीमा पर बसे गांव गड़ाथा से लेकर फतेहपुर की सीमा पर स्थित समुही-भटपुरवा गांव के पास तक नदी की धारा में दूर-दूर तक रेत ही रेत नजर आती है। ग्रामीणों ने बताया कि उनको मवेशियों को पानी पिलाने के लिए रेत में चलकर काफी दूर जाना पड़ता है। रिंद नदी की कटरी में भी बड़े पैमाने पर बोई गई जायद की फसलों की सिंचाई के लिए तरसना पड़ रहा है।
रिंद नदी सूख गई
घाटमपुर तहसील के पतारा और भीतरगांव विकास खंडों की सीमा पर बहने वाली रिंद नदी की जलधारा मार्च में ही सूख गई थी। नदी के किनारे बसे 38 गांवों के लोग पानी के लिए नदी पर ही निर्भर हैं। नदी की जलधारा सूख जाने से पानी की विकट समस्या है।
खारजा नहर बिन पानी की
तहसील क्षेत्र के गिरसी गांव से लेकर तिरहर इलाके के गांवों के किसानों के लिए जीवनदायिनी घुघुवा खारजा नहर में इसवर्ष पूरे सीजन पानी ही नहीं आया। नहर के किनारे सैकड़ों एकड़ कृषिभूमि परती पड़ी रह गई। लोगों के सामने मवेशियों को पानी पिलाने का भी भारी संकट है।
रिंद नदी सूख गई
घाटमपुर तहसील के पतारा और भीतरगांव विकास खंडों की सीमा पर बहने वाली रिंद नदी की जलधारा मार्च में ही सूख गई थी। नदी के किनारे बसे 38 गांवों के लोग पानी के लिए नदी पर ही निर्भर हैं। नदी की जलधारा सूख जाने से पानी की विकट समस्या है।
a पिछले 27 दिनों से गंगा का जलस्तर न्यूनतम स्तर 357 फीट से भी कम है।
a सिंचाई विभाग ने टिहरी और नरौरा बांध से कम पानी मिलने का हवाला देकर ज्यादा पानी छोड़ने से इनकार कर दिया है।
a जलकल विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में गंगा में बंधा बनाकर धारा को भैरोघाट पंपिंग स्टेशन की तरफ मोड़ लिया है
a अस्थायी बंधे, पेयजल चैनल के माध्यम से भैरोघाट पंपिंग स्टेशन से रोज लिया जा रहा है 20 करोड़ लीटर पानी। यह पानी बेनाझाबर वाटर वर्क्स पहुंचाया जा रहा है, वहां लोअर गंगा कैनाल से लगभग पांच करोड़ लीटर कच्चा पानी आता है। ये पानी सप्लाई किया जा रहा है।
a जलकल विभाग के आंकड़ों के अनुसार शहर में लगभग 5000 हैंडपंप खराब हैं।