उद्बोधन से कार्यकर्ताओं में भरा जोश
वर्ग समापन पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने पदाधिकारियों में जोश भरते हुए कहा कि नई उम्मीद और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए एकजुट हो जाएं। किसी से डरने या अन्याय सहने की जरूरत नहीं है। विश्व में हमेशा धर्म व अधर्म रहे हैं। धर्म के पक्ष में ही खड़े रहना चाहिए। आचरण से धर्म की प्राप्ति होती है। कहा कि पुरुषार्थी लोगों को कभी-कभी शस्त्र उठाना पड़ता है। जब पूरा समाज तैयार होता है तब भगवान की कृपा रूपी अंगुली उठती है। ऋषि और मुनियों के कठोर परिश्रम से राष्ट्र की नींव रखी गई है। अलग-अलग रंग रूप होते हुए भी मूलरूप से हम सभी एक है। भारत विश्व में सबसे सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र है।टाठी घाट पहुंचे संघ प्रमुख व मोरारी बापू
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और संत मोरारी बापू ने कई संतों के साथ समय गुजारा। उनके कार्यस्थल मठ और मंदिर गए। तपस्या करने वाले संतों के बीच मंदाकिनी किनारे टाठी घाट पहुंचे। इसके बाद मोरारी बापू जगदगुरु रामभद्राचार्य से मुलाकात करने पहुंंचे। बताया कि जगदगुरु ने फोन कर बुलाया तो वह दर्शन के लिए पहुंचे। आरएसएस प्रमुख ने संघ चालकों के वर्ग के समापन के बाद आरोग्यधाम की वैदेही वाटिका में रुके रहे।