बिना प्रशासनिक स्वीकृति के निकाले गए डा. जोशी की सांसद निधि से जुड़े कार्यों का टेंडर स्थगित कर दिया गया है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) स्वीकृति मिलने के बाद इसे दुबारा जारी करेगा।
पिछले दिनों यह मामला प्रकाश में आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह ने 52 लाख से अधिक के इस टेंडर पर रोक लगा दी।
मामला गत छह दिसंबर का है। आरईएस की तरफ से सांसद जोशी की निधि वाले 10 निर्माण कार्यों के लिए एक टेंडर जारी कर दिया गया।
बाद में पता चला कि जिन कार्यों के लिए यह टेंडर जारी किया गया है, उसका अभी तक स्टीमेट भी नहीं बना है। सांसद और डीएम ने इसकी अनुमति भी नहीं दी है। मामले को लेकर हलचल मची तो बात सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी तक पहुंची। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दिए थे और सोमवार को उन्होंने टेंडर भी निरस्त कर दिया। आरईएस के अधिशासी अभियंता से कहा गया है कि स्टीमेट तैयार होने के बाद फिर से नया टेंडर जारी किया जाए।
मामले की जांच की गई है। क्योंकि अभी स्टीमेट तैयार नहीं है, इसलिए टेंडर रोक दिया गया है। अधिशासी अभियंता को चेतावनी देते हुए नियमानुसार दुबारा टेंडर जारी करने का आदेश दिया गया है।
- राजेंद्र सिंह मुख्य विकास अधिकारी
डा. जोशी की सांसद निधि से जुड़े कार्यों का टेंडर नए सिरे से विभाग जारी करेगा। जो पहले जारी हुआ था, उसके निरस्त कर दिया गया है। सांसद के आने के बाद जब अनुमति मिलेगी उसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
- एमपी सिंह अधिशासी अभियंता आरईएस