डॉ. अनुष्का का मामला
- फोटो : अमर उजाला
चेहरे पर पानी डालकर होश में लाया गया
यहां विवेचना से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे। डॉ. अनुष्का तिवारी के साथ उनके दो वकील भी मौजूद रहे। पुलिस ने जब दस्तावेज और मशीनों के बारे में डॉ अनुष्का से पूछताछ की तो तीन घंटे में दो बार बेहोश हुई। वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने चेहरे पर पानी डालकर उन्हें होश में लाया। फिर पूछताछ हुई। दोपहर करीब एक बजे टीम डॉ. अनुष्का को क्लीनिक से लेकर थाने पहुंची, जहां उनके बयान दर्ज करने के बाद तीन बजे जेल में दाखिल किया।
क्लीनिक में लगा ताला और डॉ. अनुष्का
- फोटो : amar ujala
पुलिस ने सवालों में फंसी डॉ. अनुष्का
सवाल : आपने केशवपुरम में क्लीनिक कब खोला और ट्रांसप्लांट कब से कर रही हैं
जवाब : 2019 से
सवाल : अपने इंजीनियर विनीत दुबे का ऑपरेशन किया
जवाब : मैंने इंजीनियर विनीत दुबे को बर्रा से रिसीव किया था, हालत बिगड़ने पर उसे अनुराग हॉस्पिटल में भर्ती कराया।
सवाल : आपकी टीम में कितने लोग हैं
जवाब : मुख्य भूमिका मेरी है। मेरे साथ में दो-तीन सहयोगी थे।
सवाल : अभी तक कितने लोगों का हेयर ट्रांसप्लांट किया है
जवाब : कुछ नहीं बोलीं
सवाल : फर्रुखाबाद निवासी इंजीनियर मयंक कटियार का ट्रांसप्लांट यहां किया गया
जवाब : जी हां, उसका भाई उसे यहां लेने आया था।
सवाल : बिना डिग्री डिप्लोमा के हेयर ट्रांसप्लांट कैसे किया
जवाब : कुछ वर्कशॉप की हैं, इसके अलावा हेयर ट्रांसप्लांट की बुक्स से जानकारी ली।
सवाल : आपने बर्रा की एक निजी अस्पताल के डॉ. मनीष कुमार का जिक्र किया था।
जवाब : कुछ नही बोलीं।
सवाल : आपने इंजीनियर विनीत के परिजनों को सूचना कब दी थी
जवाब : विनीत के चेहरे पर सूजन आई थी तो उनकी पत्नी को सूचना दी थी। हालत बिगड़ी तो अस्पताल ले गए।
सवाल : हेयर ट्रांसप्लांट की फीस क्या थी
जवाब : हेयर ट्रांसप्लांट की फीस 40 हजार रुपये थी।
डॉ. अनुष्का का सीजेएम कोर्ट में सरेंडर
- फोटो : amar ujala
डॉ. अनुष्का के वकीलों की पुलिस से कई बार हुई झड़प
पुलिस अनुष्का को लेकर उसके क्लीनिक पहुंची तो साथ में अनुष्का के वकीलों की टीम भी मौजूद रही। पुलिस ने जब उनके वकीलों को क्लीनिक के बाहर रहने की चेतावनी दी तो वकीलों ने पुलिस से बहस शुरू कर दी। उनका कहना था कि रिमांड के आदेशानुसार एक निश्चित दूरी पर रहने की अनुमति है। पुलिस ने कहा कि निश्चित दूरी क्लीनिक के गेट के बाहर है तो वकील नहीं माने। बरामदगी और पूछताछ के दौरान कई बार पुलिस और वकीलों की झड़प हुई।